समय शताब्दी ट्रेवल्स में करोड़ों की टैक्स चोरी, 20 अफसरों ने की जांच
शासन के निर्देश पर राज्य कर विभाग कानपुर की टीमों ने फजलगंज स्थित समय शताब्दी ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड पर छापा मारा। जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पकड़ी हैं। कंपनी अघोषित दो व्यापारिक स्थलों से नियमित रूप से व्यापार कर रही थी। खुलासा हुआ कि न केवल स्वामित्व वाली बसों से यात्री परिवहन बल्कि माल का परिवहन भी किया जा रहा था।यही नहीं विभिन्न वित्तीय वर्षों में दाखिल जीएसटीआर-3बी और जीएसटीआर-9 में घोषित करमुक्त आउटवर्ड सप्लाई के आंकड़ों में भारी अंतर सामने आया।ट्रेवल्स संचालक ने 4.02 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। यह भी स्वीकार किया कि इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का रिवर्सल नियमानुसार नहीं किया है। बताया गया कि एडीशनल कमिश्नर (ग्रेड एक राज्य कर) सैमुअल पॉल एन के निर्देश पर एडीशनल कमिश्नर (ग्रेड-2 एसआईबी) ज्योति भौंत, जोन प्रथम, ज्वाइंट कमिश्नर (एसआईबी) संभाग ए ज्ञान प्रकाश सिंह की अगुवाई में 20 अधिकारियों की टीम के साथ ट्रेवल्स एजेंसी के तीन व्यापारिक स्थलों पर एक साथ छापा की कार्रवाई की गई।फर्म की ओर से दो व्यापारिक स्थलों से यात्री बुकिंग एवं माल परिवहन का कार्य अघोषित रूप से किया जा रहा था। इसकी कोई घोषणा जीएसटी पोर्टल पर नियमानुसार नहीं की गई थी। जांच के समय फर्म द्वारा पोर्टल पर घोषित रिकार्डों एवं प्रस्तुत प्रपत्रों में भारी अनियमितता पाई गयी। जांच में संदिग्ध पाए गए प्रपत्रों को सीज किया गया। छापा की कार्रवाई मंगलवार से बुधवार सुबह पांच बजे तक की गई, जिसमें अनियमितताओं के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
बड़ी परिवहन और लॉजिस्टिक कंपनियों पर भी जल्द कार्रवाई
कार्रवाई के बाद संचालक ने 4.02 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। कार्रवाई में उपायुक्त (एसआईबी) अभिषेक कुमार चतुर्वेदी, सहायक आयुक्त प्रभात कुमार चौधरी, दीपक सिंह, रज्जनलाल, गोपाल कृष्ण सारस्वत आदि शामिल रहे। विभाग ने संकेत दिए हैं कि इसी तरह अन्य बड़ी परिवहन और लॉजिस्टिक कंपनियों पर भी जल्द ही शिकंजा कसा जाएगा।
