कानपुर 26 सितंबर खानकाहे हुसैनी कर्नलगंज में एक मीटिंग हुई जिसमें आई लव मोहम्मद प्रकरण की आड़ में राजनैतिक ताकते गलत तथ्य प्रस्तुत कर कानपुर व मुल्क के खुशगवार माहौल को खराब करना चाहती है इसी को लेकर खानकाहे हुसैनी से कानपुर की आवाम से अपील जारी की गयी।
मीटिंग का आगाज़ तिलावते कुरान-ए-पाक से किया गया खानकाहो के खादिमों ने कानपुर की आवाम से कहा कि अल्लाह ने पूरी दुनियां के लिए हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को रहमत बनाकर भेजा रसूले खुदा ने पूरी दुनियां में संदेशों के माध्यम से समाज में मानवता, मनुष्यों के प्रति प्रेम दूसरे मजहब के मानने वालो के प्रति सहिष्णुता, भाईचारा, दया, सामान्यता, सब्र और न्याय के सिद्धांतों की शिक्षा दी उनके बताए रास्तों पर चले, गणेश शंकर विधार्थी/ मौलाना हसरत मोहानी की नगरी में अमन के दुश्मन नगर के खुशगवार माहौल को खराब करने की लगातार कोशिश कर रहे है लेकिन आवाम उनके मंसूबों को कामयाब नही होने देगा। आई लव मोहम्मद प्रकरण में गलत तथ्य प्रस्तुत कर गलत बयानबाजी की जा रही है सोशल मीडिया में जो समझ में जिसको आ रहा है लिख रहा है उससे हमारे शहर के साथ मुल्क का खुशगवार माहौल खराब हो रहा है कानपुर की आवाम से अपील की गयी सोशल मीडिया व इस मामले में राजनीति करने वालो से दूरी बनाएं, नौजावनो व बच्चों को क्षेत्र के संभ्रांत लोग प्रकरण की हकीकत से रुबरू कराएं किसी के बहकावे में न आएं, किसी भी तरह का कोई विरोध प्रदर्शन न करे, हमारे कानपुर के पुलिस आयुक्त ने शहर काज़ियान व उलेमाओं के साथ वार्ता की है जिसका हल जल्द से जल्द संभव है, किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दे अमन के दुश्मन शहर के माहौल को खराब कर सकते है इससे बचे, अफवाह फैलाने वाला कोई भी हो उसकी सूचना तत्काल अपने क्षेत्र के थाना-चौकी प्रभारी को दे, जुलूस व विरोध प्रदर्शन करने वाले नौजवानों को क्षेत्र के संभ्रांत लोग समझाएं कि जुलूस में असामाजिक तत्व शामिल होकर माहौल खराब कर सकते है। इसका हल प्रदर्शन नही कानूनी कार्रवाई है, इस प्रकरण का हल लगभग हो गया है कुछ दिन इंतज़ार करें, कुछ सियासी ताकतें मुस्लिम नौजवानों को सड़क पर लाकर अपना हित तलाश रही है उनसे दूरी बनाएं बहकावे में नही आने की अपील की।
मीटिंग व अपील में प्रमुख रुप से खादिम खानकाहे हुसैनी इखलाक अहमद डेविड चिश्ती, मोईनुद्दीन चिश्ती, सैय्यद अबूज़र जैदी, आशिक अली नियाज़ी, सैय्यद तलहा कादरी, सूफी इश्तियाक निज़ामी, मोहम्मद आरिफ रहमानी, परवेज आलम वारसी, अफज़ाल अहमद चिश्ती आदि लोग मौजूद थे।
