शहर में हर स्तर पर अपराध पर अंकुश लगाने हेतु कानपुर पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल के निर्देश पर एडीसीपी क्राइम अंजली विश्वकर्मा का प्रहार अपराध पर अंकुश लगाने हेतु ज़ारी

 

नौकरी के नाम पर साइबर गुलामी का जाल

200 भारतीय जल्द लौटेंगे कंबोडिया से – ADCP क्राइम अंजलि विश्वकर्मा

 

साउथ ईस्ट एशिया में नौकरी का झांसा देकर फंसाए गए करीब 200 भारतीय युवाओं को जल्द ही भारत लाया जाएगा। कानपुर की एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि इन युवाओं को साइबर स्लेवरी (Cyber Slavery) का शिकार बनाया गया था। फर्जी रिक्रूटमेंट एजेंसियों के बहकावे में आकर ये युवा विदेश पहुंचे, जहां कंबोडिया में इन्हें कैद कर साइबर ठगी कराई जा रही थी।

अधिकांश युवाओं को नौकरी का झांसा देकर वहां ले जाया गया, फिर हथियारबंद गार्डों की निगरानी में ठगी कराने को मजबूर किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी की लोकेशन और वीजा डिटेल्स ट्रैक कर भारत वापसी की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।ADCP अंजलि विश्वकर्मा के अनुसार साइबर ठगी गिरोह क्रिप्टो करेंसी (USDT) के जरिए ब्लैक मनी को सफेद कर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में भेजते हैं। भारत में इनके कई बैंक खाते और एजेंट्स की पहचान हुई है।

पुलिस ने अब तक 12 फर्जी एजेंसियों का भंडाफोड़ किया है। दिल्ली और कानपुर की टीमें लगातार समन्वय में काम कर रही हैं ताकि फंसे भारतीयों को जल्द से जल्द वापस लाया जा सके।ADCP अंजलि विश्वकर्मा के अनुसार“ इन युवाओं को साइबर गुलामी से मुक्त कराने की हरसंभव कोशिश जारी है। जल्द ही सभी को सुरक्षित स्वदेश लाया जाएगा।”

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