भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री के जन्म दिवस पर उनके स्मारक पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया ।

 

 

 

कानपुर, भारत के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्म दिवस पर उनके स्मारक पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया ।भारत के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्म दिवस पर उनके स्मारक पर माल्यार्पण कर अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी समिति संगठन एवं मुस्लिम डेमोक्रेटिक फ्रन्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाकिर अली उस्मानी व दिलीप सिंह बागी ने उनको याद किया। मौलाना आजाद 11 नवम्बर 1888 को पैदा हुए और देश की आजादी में 9 वर्ष तक जेलों में रहकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। 1942 से लेकर 1947 तक कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में काम किया। अंग्रेजों ने जब आजादी का परवाना देने का निर्णय लिया तब उन्होनें पण्डित जवाहर लाल नेहरू को कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुनने का प्रस्ताव रखा जिसको सरदार पटेल एवं लियाकत अली ने व महात्मा गांधी ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए अध्यक्ष के रूप में स्वीकार किया। मौलाना आजाद ने अपने कार्यकाल में 6 आई०आई०टी० व विश्वविद्यालय की स्थापना करके देश के नौजवानों को शिक्षित व प्रशिक्षित करने की जो योजना बनाई वह आज तक सफल है। वर्तमान सरकार केन्द्र व प्रदेश की मौलाना आजाद को याद करने से अपने को जो अलग कर लिया है, निश्चित रूप से यह स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी के परिवारों व देश के नागरिकों का अपमान है।मौलाना अबुल कलाम आजाद के स्मारक स्थल पर माल्यार्पण कर उन्हें याद करने वालों में प्रथम रूप से श्याम देव सिंह पूर्व नगर अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी, दिलीप सिंह बागी राष्ट्रीय महामंत्री अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी समिति संगठन, शाकिर अली उस्मानी, अध्यक्ष मुस्लिम डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, मो० रियाज (मीडिया प्रभारी), इस्लाम खां आजाद, पदमकान्त गुप्ता, रजनीश निगम, बबलू खान, हिमांशु सिंह, राजेश बाजपेई आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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