*कोर्ट में दरोगा की गवाही पूरी, कुशाग्र के पिता-चाचा फूट-फूटकर रोए*
*अगली सुनवाई 15 नवंबर को, अगला गवाह होगा पेश*
कानपुर।
कुशाग्र कनोडिया हत्याकांड की सुनवाई गुरुवार को डीजे-11 सुभाष सिंह की कोर्ट में हुई। इस दौरान पंचनामा भरने वाले दरोगा और थाना काकादेव क्षेत्र के सर्वोदय नगर चौकी प्रभारी लोकेंद्र सिंह की गवाही पूरी हुई। बचाव पक्ष के तीनों अधिवक्ताओं ने उनसे सिलसिलेवार जिरह की।
गवाही के दौरान अदालत में भावनात्मक माहौल बन गया। दरोगा लोकेंद्र सिंह को कोर्ट में देखकर कुशाग्र के परिजनों के पुराने जख्म फिर हरे हो गए। गवाही पूरी होने के बाद कुशाग्र के पिता मनीष कनोडिया और चाचा सुमित की आंखों से आंसू छलक पड़े। वे कोर्ट में ही फूट-फूटकर रोने लगे और बार-बार यही कहने लगे — “कुशाग्र के हत्यारों को फांसी दो।”
अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 15 नवंबर तय की है। उस दिन अगला गवाह पेश होगा।
गौरतलब है कि 30 अक्तूबर 2023 को जयपुरिया स्कूल के कक्षा 11 के छात्र कुशाग्र कनोडिया की कोचिंग जाते समय अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पूर्व ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसका प्रेमी प्रभात शुक्ला, और सहयोगी शिव गुप्ता “आर्यन” को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर शव प्रभात शुक्ला के घर से बरामद किया गया था।
इस जघन्य वारदात ने न केवल कानपुर, बल्कि पूरे प्रदेश और देशभर में आक्रोश फैला दिया था। जगह-जगह शोक सभाएं और धरना-प्रदर्शन हुए थे। लोगों ने कुशाग्र के हत्यारों को फांसी देने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई एक वर्ष के भीतर पूरी कर निर्णय देने के निर्देश दिए थे। घटना के दो वर्ष बीत चुके हैं। इसी के चलते मुकदमे की सुनवाई में अब तेजी आई है। अधिकांश गवाहियों का क्रम पूरा हो चुका है और कुछ गवाहियाँ शेष हैं। इसके बाद अदालत इस बहुचर्चित हत्याकांड में अपना फैसला सुनाएगी।
