कानपुर; दिनांक – 16.11.2025
*कानपुर मेट्रो: कॉरिडोर-2 डिपो में ट्रेन एवं विद्युत उपकरणों को विद्युत आपूर्ति हेतु सब-स्टेशन तैयार*
*एएसएस कम टीएसएस से होगी कॉरिडोर-2 की ट्रेनों की टेस्टिंग के लिए विद्युत आपूर्ति*
कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 (सीएसए–बर्रा-8) का सिविल निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में सीएसए यूनिवर्सिटी परिसर में निर्माणाधीन कॉरिडोर-2 मेट्रो डिपो में ट्रेनों की टेस्टिंग और विद्युत उपकरणों को ऊर्जा प्रदान करने के लिए 33 केवी ऑग्ज़ीलरी कम ट्रैक्शन सब-स्टेशन (एएसएस कम टीएसएस) को ऊर्जीकृत (एनर्ज़ाइज) कर दिया गया है। मेट्रो ट्रेनों की टेस्टिंग और डिपो में आवश्यक उपकरणों—जैसे लाइटिंग, लिफ्ट, एस्केलेटर आदि—के संचालन हेतु यह ऊर्जा आपूर्ति बुनियादी आवश्यकता है।
*सब-स्टेशन का काम*
कानपुर मेट्रो ट्रेनों के संचालन के लिए बिजली की आपूर्ति यूपीपीटीसीएल से प्राप्त होती है। डिपो में ऊर्जा आपूर्ति हेतु 33 केवी लाइन गीता नगर मेट्रो स्टेशन स्थित एएसएस से ली जा रही है। डिपो में आरंभ किए गए एएसएस कम टीएसएस में दो ऑग्ज़ीलरी और दो ट्रैक्शन ट्रांसफॉर्मर्स लगाए गए हैं।
ट्रैक्शन ट्रांसफॉर्मर्स एवं रेक्टिफायर पैनल की मदद से 33 केवी करंट को 750 वोल्ट डीसी में परिवर्तित किया जाएगा, जिसका उपयोग ट्रेनों के संचालन में होगा। बता दें कि पारंपरिक ओएचई के स्थान पर कानपुर मेट्रो की 750 वोल्ट डीसी आधारित ट्रेनें थर्ड रेल प्रणाली पर चलती हैं। डिपो में लगने वाली लाइटिंग, लिफ्ट्स, एसी सिस्टम आदि के लिए 33 केवी सप्लाई को ट्रांसफॉर्मर्स द्वारा 415 वोल्ट एसी में बदला जाएगा। सभी ट्रांसफॉर्मर्स की इंस्टॉलेशन व टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कॉरिडोर-2 के लिए आने वाली ट्रेनों की टेस्टिंग इसी सब-स्टेशन के माध्यम से संचालित होगी।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने बताया, “कॉरिडोर-2 की ट्रेनों के रखरखाव एवं संचालन के लिए सीएसए परिसर में अत्याधुनिक डिपो विकसित किया जा रहा है। आगामी समय में कॉरिडोर-2 के ट्रेनों की अनलोडिंग भी इसी डिपो में की जाएगी। वर्तमान में यहां थर्ड रेल इंस्टॉलेशन और ट्रैक निर्माण कार्य तेजी से जारी है। डिपो में मेट्रो ट्रेनों के रखरखाव के लिए उन्नत वर्कशॉप तैयार किया जाएगा। कानपुर मेट्रो की टीम निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में पूर्ण निष्ठा के साथ कार्यरत है।”
ज्ञात हो कि लगभग 24 किमी लंबे कॉरिडोर-1 (आईआईटी–नौबस्ता) के 16 किमी हिस्से पर आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक यात्री सेवाएं संचालित हैं। शेष कॉरिडोर-1 (कानपुर सेंट्रल–नौबस्ता) तथा लगभग 8.60 किमी लंबे कॉरिडोर-2 के सिविल कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।
