संविधान निर्माता को दी श्रद्धांजलि- विनय कोरी
आज बिल्हौर विधानसभा के बिल्हौर समाजवादी पार्टी केंद्रीय कार्यालय पर बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जी का परिनिर्वाण दिवस मनाया गया जिसमे बिल्हौर के पूर्व चेयरमैन निर्भय सिंह यादव जी ने कहाँ की डॉ भीमराव रामजी अंबेडकर ने देश में संविधान के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उन्होंने समाज में छुआछूत और जातिवाद, भेदभाव को दूर करने में अथक प्रयास किये आज ही के दिन यानी 6 दिसंबर को डॉ भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि मनाई जाती है हर साल 6 दिसंबर को डॉ बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
वही बिल्हौर विधानसभा के विधायक पद के प्रमुख दावेदार विनय कोरी ने कहा की डॉ अंबेडकर जी ने अपना अधिकतर जीवन सामाजिक असमानताओं, जातिगत भेदभाव और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया महापरिनिर्वाण दिवस पर हम एक महान विचारक, समाज सुधारक और भारतीय संविधान के निर्माता के रूप में बाबासाहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। अंबेडकर का जीवन और उनकी विचारधारा आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है वे न केवल दलितों और पिछड़े वर्गों के लिए संघर्षरत रहे, बल्कि उन्होंने समस्त भारतीय समाज के लिए एक समतामूलक, न्यायसंगत और प्रगतिशील राष्ट्र की नींव रखी अंबेडकर ने शिक्षा, समानता, और बौद्ध धर्म को अपने जीवन के मूल मंत्र के रूप में अपनाया उनके नेतृत्व में भारतीय संविधान का निर्माण हुआ, जिसने देश को एक नई दिशा प्रदान की इसमें सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए गए आज भले ही डॉ बाबासाहेब अंबेडकर हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद भी उनके विचार समाज के हर कोने में गूंज रहे हैंवही प्रदेश सचिव आशीष सिंह चटरू ने कहा की महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें स्मरण करना, उनके योगदानों को याद करना और उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी कार्यक्रम मे विधानसभा छेत्र के सैकड़ो कार्यकर्त्ता विनय कोरी के सहयोग मे आये कार्यक्रम के पूर्व सभी लोगों मिल कर किसानों को खाद मिलने मे हो रही समस्या के मुद्दे पर उप जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया कार्यक्रम मे भारत सिंह यादव,अभिषेक सिंह मटरू,प्रदीप सविता,कुलदीप सिंह,अरशद,सलमान,सोनू,चुरी, पंकज ठाकुर, तिलक सिंह,मोहल्लालीम,बीरेंडे कोरी,मुस्तकीम,
पप्पू पहलवान रामसरन गोतम महेन्द्र बाबा गोतम राकेश राठोर रामबीर पात,इत्यादि लोग रहे!
