मानसिकता के तहत दलितों में पद दलित सफाई कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा से वंचित

कानपुर, सफाई कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं का व्याकरण करने हेतु स्वच्छकार कामगार यूनाइटेड फोरम कानपुर उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया।
जिसमें प्रमुख रूप से सामाजिक कार्यकर्ता सुनील राजदान ने कहा कि सोची समझी मानसिकता के तहत दलितों में पद दलित सफाई कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा से वंचित है किया जा रहा है जिससे वह समाज के मुख्य धारा में ना सके
परिवार में प्रथम शिक्षिका मां होती है जो अपने बच्चों को तैयार करके स्कूल भेजती है वही मां को सफाई कर्मचारी का काम करती है जिसके कारण उसको सुबह 5:00 बजे कम पर बुलाया जाता है वह बच्चों को पेट पालने के कारण अपने काम पर आ जाती हैं और बच्चे स्कूल जाने से वंचित हो जाते हैं प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में निवेदन किया है कि मेरा सफाई कर्मचारियों की हाजिरी सुबह 5:00 के बजाए सुबह 8:30 बजे की जाए जिससे वह अपने बच्चों को स्कूल भेज कर सुरक्षित कम पर आ सके। राम प्रकाश भारती ने ने कहा कि कि विगत दिनों से प्रदेश सरकार की संवैधानिक संस्था अनुसूचित जनजाति जनजाति आयोग के सदस्य वाल्मीकि समाज के सम्मानित प्रतिनिधि जिनका सरकारी प्रोटोकॉल होने के बाद भी नगर निगम अधिकारियों द्वारा उनके साथ जातिगत भेदभाव कर अपमानित किया गया स्वच्छकार कामगार यूनाइटेड फोरम जिसकी घोर निंदा करता है माननीय मुख्यमंत्री से मांग करता है कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से दंडित किया जाए।संतोष राज भारती ने बताया कि विगत दिनों बिना नोटिस कोई सूचना कारण के आठ सफाई कर्मचारियों को जो कि रामादेवी हाईवे में कार्यरत थे जिनको हटाया गया ।जिसके लिए नगर आयुक्त से मिलकर उनको बाहर करने के लिए प्रार्थना पद दिया गया जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई आदि समस्याओं को कुछ समय रहते समाधान ना किया गया तो कानपुर शहर में शांति से एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप से सुनील राजदान, राम प्रकाश भारती, चौधरी राम संतोष राज भारती, कमल वाल्मीकि एडवोकेट, पंडित जितेंद्र वाल्मीकि, भोला हजारिया, बाबूलाल वाल्मीकि, अनिकेत वाल्मीकि, सुरेश बुंदेला, राज मकोरिया, सानू सिंह आदि उपस्थित रहे।

 

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