देश के ग्रामीण इलाकों में स्थित करीब दो लाख से अधिक ईंट भट्टो जो सीधे तौर पर गांव गरीब किसान मजदूर कामगार छोटे ग्रामीण दुकानदार व्यापारी, लोकल ट्रांसपोर्टर जिनकी संख्या 4 करोड़ से भी अधिक है, उनकी मांग थी कि हमे जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाय और जीएसटी 5% से घटाकर/हटाकर एकमुश्त समाधान योजना , उत्पादन क्षमता के अनुरूप दी जाय, जैसाकि पहले वाणिज्य कर, वैट में दिया गया था। इससे सरकार को अपेक्षा के अनुरूप और उससे भी अधिक बिना किसी प्रयास , मेहनत व जांच आदि के अपने आप, स्वमेव तरीक़े से राजस्व मिल जाता था और ग्रामीण ईंट निर्माताओं को लिखापढी की जटिलताओं से राहत / छुटकारा मिल जाता था।
यह इस लिए भी पूर्णतया प्रासंगिक था क्योंकि यह एक सीजनल ग्रामीण कृषि-कुम्हारी प्रकृति का बिना बिजली, मशीन का, आम आदमी की मूलभूत आवश्यकता मकान की मुख्य वस्तु सामग्री ईंट का निर्माण का काम है। जीएसटी कौंसिल और उसकी अध्यक्षा माननीया वित्त मंत्री श्री मती निर्मला सीतारमन जी से प्रार्थना है कि इस ईंट भट्टो के लिए लाई गई स्पेशल कंपोजिंग स्कीम बिंदु C -2 me अपेक्षित सुधार करते हुए ईंट भट्ठो की उत्पादन क्षमता के अनुरूप राजस्व निर्धारित कर जीएसटी से छूट देने की देश की चार करोड़ जिंदगियों की रक्षा करे। उन्हें न्याय दे।
सरकार को पूरा राजस्व मिल रहा है और ग्रामीणों को सरलता सहजता से काम करने का अवसर। इससे अच्छा और क्या हो सकता है। सरकार हमे सरंक्षण , सुव्यवस्था देने के लिए है ना कि हमारा उत्पीड़न कर हमे परेशान करने के लिए।
हमे विश्वास है कि हमारे देश का नेतृत्व इस वास्तविकता को समझते हुए अपेक्षित सुधार कर गांव गरीब किसान मजदूर की बात करने वाले वादे के अनुरूप देश की आत्मा के साथ जो गावों में ही बसती है, न्याय करेगे। जय हिंद धन्यवाद।
अजय कुमार मित्तल,
वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जिला कानपुर देहात ईंट निर्माता समिति,
आल इंडिया ईंट निर्माता, कर्मचारी, मजदूर व्यापारी किसान सभी चार करोड़ लोग l
2021-09-19
