चांदी में उछाल सारे ज्वेलर्स परेशान

अखिल भारतीय स्वर्ण कार विकास परिषद के अध्यक्ष पुष्पेंद्र जायसवाल ने बताया कि चीन ने 1 जनवरी 2026 से चांदी के निर्यात पर लाइसेंस सिस्टम लागू कर दिया है इसका मतलब अब हर कंपनी चांदी एक्सपोर्ट नहीं कर पाएगी सिर्फ सरकारी मंजूरी वाली कंपनियां ही निर्यात कर सकेंगे छोटे और मीट साइज एक्सपोर्टर्स बाहर हो जाएंगे या कम दिखने में प्रशासनिक लगता है लेकिन मार्केट के लिए या सप्लाई कंट्रोल हथियार चीन इतना ताकतवर क्यों है या असली बात समझनी जरूरी है क्योंकि चीन दुनिया की 60 70% चांदी सप्लाई चैन पर सीधा या प्रत्यक्ष नियंत्रण रखता है। मईनिंग रिफाईनिग और एक्सपोर्ट तीनों लेवल पर चीन का दबदबा है जब चीन इतना बड़ा प्लेयर है कि वह तय करेगा कि कौन चांदी एक्सपोर्ट करेगा और कौन नहीं करेगा तो ग्लोबल सप्लाई का बुरा हाल होना तय है सीधा असर सप्लाई टाइट चांदी पहले ही शर्ट थी पिछले 5 साल में दुनिया में चांदी की डिमांड सप्लाई से ज्यादा रही है हर साल 100 से 250 मिलियन औंस की कमी देखने को मिली है अब इसमें चीन का एक्सपोर्ट कंट्रोल और बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड ने चांदी की कीमत तो में भयंकर तेजी का तड़का लगा दिया है इंडस्ट्रियल डिमांड ही असली चांदी में विस्फोट होने का कारण है यहीं से एलन मस्क की चिंता शुरू होती है चांदी सिर्फ निवेश की चीज नहीं है बल्कि सोलर पैनल इलेक्ट्रिक व्हीकल सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल डिवाइस इन सब में चांदी की खपत बहुत ज्यादा है चांदी महंगी होगी तो टेक्नोलॉजी टीवी सोलर इलेक्ट्रॉनिक की लागत बढ़ेगी फिजिकल चांदी उपलब्ध नहीं है कॉमिक्स एल बी एम ए शंघाई तीनों जगह वर्ल्ड स्टॉक घटते जा रहे हैं अगर कुछ परसेंटेज ट्रेडर्स ने चांदी फिजिकल मांग ली तो कीमतें कहां जाएगी पता नहीं कई रिपोर्ट्स बताती है कि कुछ जगह 30 45 दिन की डिलीवरी वाली चांदी ही बची है आप सब व्यापारी भाइयों से निवेदन है कि इस समय संभाल कर ही व्यापार करें ज्यादा लालच के चक्कर में ना पड़े

पुष्पेंद्र जायसवाल

अध्यक्ष

अखिल भारतीय स्वर्ण कार विकास परिषद

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