साल 2025 में कानपुर मेट्रो ने बदली “शहर की चाल”

 

⦁ आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक दौड़ रही है मेट्रो

⦁ अब आईआईटी से नौबस्ता तक सफर की तैयारी

⦁ 2026 में पूरा कॉरिडोर शुरू होने की दिशा में तेज़ी से काम

 

कानपुर।

वर्ष 2025 कानपुर के लिए शहरी परिवहन के लिहाज़ से ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही कानपुर मेट्रो परियोजना ने इस साल बड़ा मुकाम हासिल किया। आईआईटी कानपुर से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन तक मेट्रो का संचालन शुरू होने से न सिर्फ़ शहर की रफ्तार बढ़ी, बल्कि आम नागरिक की रोज़मर्रा की ज़िंदगी भी आसान हुई। कानपुर अब ‘जामपुर’ की छवि छोड़ ‘मेट्रो सिटी’ के रूप में अपनी ग्लोबल पहचान बना चुका है. साल 2025 जहाँ निर्माण और विस्तार का गवाह बना, वहीं साल 2026 कानपुर के लिए “फुल कनेक्टिविटी” का साल होने वाला है.

 

एक नजर आंकड़ों पर

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कुल लंबाई: 23.8 किमी

कुल स्टेशन: 22

चालू सेवा: आईआईटी → कानपुर सेंट्रल

प्रस्तावित विस्तार: कानपुर सेंट्रल → नौबस्ता

अनुमानित लागत: ₹11,000+ करोड़

लक्ष्य: 2026 में पूरा कॉरिडोर

 

 

2025 की बड़ी उपलब्धियाँ

• मोतीझील–कानपुर सेंट्रल अंडरग्राउंड सेक्शन शुरू

• शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम से राहत

• सभी ट्रेनों की आपूर्ति पूरी

• एस्केलेटर और लिफ्ट का कार्य तेज़

• ट्रैक निर्माण नौबस्ता तक पूर्ण

 

तकनीक और सुविधाएँ

• पूरी तरह एसी मेट्रो ट्रेन

• दिव्यांग-फ्रेंडली स्टेशन

• किराया: ₹10 से ₹60 (दूरी के अनुसार)

• पर्यावरण अनुकूल, प्रदूषण और ईंधन की बचत

 

 

 

अभी यहां चल रही मेट्रो

वर्तमान में कानपुर मेट्रो की ऑरेंज लाइन पर आईआईटी कानपुर से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन तक सेवाएं संचालित हो रही हैं। इस हिस्से में कुल 14 स्टेशन चालू हैं। इनमें आईआईटी कानपुर, कल्याणपुर रेलवे स्टेशन, एसपीएम हॉस्पिटल, सीएसजेएम विश्वविद्यालय, गुरुदेव चौराहा, गीता नगर, रावतपुर रेलवे स्टेशन, लाला लाजपत राय हॉस्पिटल, मोतीझील, चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज, बिर्हाना रोड और कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन शामिल हैं।

इन स्टेशनों के चालू होने से शहर के उत्तर और मध्य हिस्से के बीच यात्रा का समय काफी कम हो गया है।

 

 

अब अगला चरण: कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक विस्तार

मेट्रो का अगला और अहम चरण कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक का है, जो अभी निर्माण और परीक्षण के चरण में है। इस हिस्से में आईएसबीटी झकरकटी, पुराना ट्रांसपोर्ट नगर, किदवई नगर (उत्तर व दक्षिण), यशोदा नगर, बौद्ध नगर, बर्रा देवी और नौबस्ता जैसे प्रस्तावित स्टेशन शामिल हैं।

 

2026 में आईआईटी से नौबस्ता तक का लक्ष्य

यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के मुताबिक, आईआईटी कानपुर से नौबस्ता तक लगभग 23.8 किलोमीटर लंबी पूरी ऑरेंज लाइन को वर्ष 2026 में आम जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इससे कानपुर के उत्तर से दक्षिण तक मेट्रो के जरिए सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा। योगी सरकार का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक कानपुर के 60% से ज्यादा ट्रैफिक को मेट्रो पर शिफ्ट कर दिया जाए। 2026 तक सभी प्रमुख स्टेशनों पर ‘मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन’ होगा, यानी मेट्रो से उतरते ही बस या ई-रिक्शा की सीधी सुविधा।

 

 

वर्जन

“साल 2025 हमारे लिए चुनौतियों को समाधान में बदलने का साल रहा है। अब हमारा पूरा फोकस ‘मिशन 2026’ पर है। साल 2026 के अंत तक हमारा लक्ष्य नौबस्ता और बर्रा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों को मेट्रो मैप पर पूरी तरह सक्रिय करना है। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि निर्माण की गति और गुणवत्ता में कोई समझौता न हो। 2026 में कानपुरवासी ‘इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम’ का अनुभव करेंगे। हम कानपुर को जाम से मुक्ति दिलाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”

⦁ जितेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, कानपुर नगर

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