काशीराम कॉलोनी फेज-1 में जश्न-ए-गरीब नवाज़, मौलाना हाशिम अशरफी का शानदार खिताब
कानपुर, 28 दिसंबर काशीराम कॉलोनी फेज-1 में आयोजित जश्न-ए-गरीब नवाज़ में इमाम ईदगाह गद्दियाना और आल इंडिया गरीब नवाज़ काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत अल्लामा मौलाना मोहम्मद हाशिम साहब क़िबला अशरफी ने रूहानी और असरदार तक़रीर की।मौलाना अशरफी ने कहा कि अल्लाह के वली वही होते हैं जो अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके हुक्म पर अमल करते हैं। अल्लाह ऐसे लोगों को अपना खास क़रीबी बना लेता है। कुरआन शरीफ में आया है कि अल्लाह के वलियों को न कोई डर होता है और न कोई ग़म, क्योंकि अल्लाह का डर उन्हें दुनिया के हर डर से आज़ाद कर देता है। जो एक अल्लाह से डरता है, वह किसी और से नहीं डरता।उन्होंने अफ़सोस जताते हुए कहा कि आज समाज में चोरी,ज़िना,नशाखोरी, सूदखोरी, माता-पिता की नाफ़रमानी, रिश्तों से दूरी, नमाज़ छोड़ना और बदअख़लाक़ी आम होती जा रही है। लोगों को चाहिए कि वे औलिया अल्लाह की ज़िंदगी से सीख लें और अल्लाह का डर अपने दिल में बसाएँ, क्योंकि अल्लाह का डर हर गुनाह से रोकता है और जन्नत की राह दिखाता है।
यह विचार आल इंडिया गरीब नवाज़ काउंसिल के तत्वावधान में गरीब नवाज़ हफ़्ता के 14वें कार्यक्रम जश्न-ए-गरीब नवाज़ में व्यक्त किए गए। मौलाना अशरफी ने कहा कि औलिया-ए-अल्लाह का अदब करना हम सब पर ज़रूरी है और उनकी शान में किसी भी तरह की गुस्ताख़ी नहीं होनी चाहिए। हदीस का मतलब बताते हुए उन्होंने कहा कि जो किसी वली से दुश्मनी करता है, अल्लाह उससे जंग का ऐलान करता है।उन्होंने कहा कि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैह की पूरी ज़िंदगी हमारे लिए राहे हिदायत है कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन से हुई। संचालन हाफ़िज़ मोहम्मद अरशद अशरफी ने किया। नात व मनक़बत यूसुफ़ रज़ा कान पूरी, क़ारी मोहम्मद अहमद अशरफी और मोहम्मद हसन शिबली अशरफी ने पेश की आख़िर में देश और आलम-ए-इस्लाम की तरक़्क़ी, खुशहाली और अमन-ओ-अमान के लिए दुआ की गई और लंगर तक़सीम किया गया। इस मौके पर ताजुद्दीन, मोहम्मद नाज़िम, मोहम्मद वसीम, मोहम्मद इदरीस, क़ारी मोहम्मद आज़ाद अशरफी,आदिल सहित कई लोग मौजूद रहे।
