भूखों को खाना खिलाने, मज़लूमों और यतीम बच्चों की देखभाल जैसे नेक कामों से ही दी जा सकती है: मौलाना मोहम्मद हाशिम अशरफी

 

 

 

कानपुर, 29 दिसंबर सुल्तान-ए-हिंद अता-ए-रसूल फ़ख़्र-ए-हिंदुस्तान हज़रत ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैह का जन्म 14 रजब 527 हिजरी को ईरान के ख़ुरासान क्षेत्र के संजर गाँव में हुआ। आपका नाम मुईनुद्दीन था। आपके पिता ख़्वाजा ग़यासुद्दीन और माता बीबी उम्मुल-वरा (बीबी माह नूर) थीं। आप हसनी हुसैनी सैयद थे। आपका विसाल 6 रजब 633 हिजरी (15 मार्च 1236 ई.) को अजमेर शरीफ़ में हुआ, जहाँ हर धर्म के लोग अकीदत के साथ हाज़िरी देते हैं।

ये विचार आल इंडिया ग़रीब नवाज़ काउंसिल के तत्वावधान में ग़रीब नवाज़ सप्ताह के अंतर्गत आयोजित 15 वें कार्यक्रम जश्न-ए-ग़रीब नवाज़ व लंगर,ब मुकाम ईदगाह चौराहा गद्दियाना में व्यक्त किए काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत अल्लामा मौलाना मोहम्मद हाशिम अशरफी, इमाम ईदगाह गद्दियाना ने कहा कि ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैह अच्छे अखलाक , दया, दान, इंसाफ़ और गरीब-परवरी का सच्चा उदाहरण थे।

कार्यक्रम की शुरुआत क़ारी मोहम्मद अहमद अशरफी की तिलावत से हुई। संचालन हाफ़िज़ मोहम्मद अरशद अशरफी ने किया। हाफ़िज़ मोहम्मद मुश्ताक और मोहम्मद हसन शिबली ने नात व मनक़बत पेश की। अंत में सलातो-सलाम, देश की तरक़्क़ी व खुशहाली की दुआ के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मोहम्मद रफ़ीक़ उर्फ़ मुंशी, मोहम्मद शफ़ीक़, अकील हसन उर्फ़ बववन जमील अहमद ग़ाज़ी, मुफीस अहमद,नफीस अहमद,शमशाद गाज़ी,हाजी हैदर अली,हाजी अरबी हसन,इमरान,हनीफ अहमद,शकील गाज़ी,नोमान अख्तर,अरशद इकबाल,अकील ठेकदार , मुनव्वर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे!

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