*झकरकटी बस स्टैंड में अलाव की व्यवस्था नदारद, गरीबों की जिंदगी बेहाल*

 

कानपुर: झकरकटी बस स्टैंड में शहर में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच न अलाव की व्यवस्था है और न ही ठंड से राहत की कोई व्यवस्था है। झकरकटी बस स्टैंड बाबू पुरवा जूही क्षेत्र में अलाव की कोई ठोस व्यवस्था न होने से गरीब और जरूरतमंद लोग ठंड से जूझने को मजबूर हैं।

 

रात के समय तापमान तेजी से गिरने के बावजूद नगर निगम द्वारा अब तक अलाव के लिए लकड़ी नहीं डलवाए जाने से स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। झकरकटी बस पर खुले स्थानों पर रहने वाले दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक बुजुर्ग और बच्चे ठंड से बचने के लिए जुगाड़ करने को मजबूर हैं।

 

कई लोग पुराने कपड़े प्लास्टिक और कचरा जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं जिससे दुर्घटना और प्रदूषण का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर वर्ष सर्दियों में नगर निगम द्वारा अलाव की व्यवस्था की जाती रही है। लेकिन इस बार अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

 

क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि शिकायतों और मौखिक सूचनाओं के बावजूद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। एक स्थानीय मजदूर ने बताया, “दिनभर मेहनत करने के बाद रात खुले में काटना मुश्किल हो गया है ठंड इतनी है कि नींद नहीं आती लेकिन अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है।”

 

वहीं बुजुर्गों का कहना है कि ठंड के कारण बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है। सामाजिक संगठनों ने भी नगर निगम से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है उनका कहना है कि यदि जल्द अलाव और कंबल की व्यवस्था नहीं की गई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

 

नगर निगम झकरकटी बस स्टैंड में अलाव के लिए लकड़ी कब डलवाएगा और गरीबों को इस भीषण ठंड से राहत कब मिलेगी, यह बड़ा सवाल है।

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