*सर्द रातों में “उम्मीद की छत” बने कानपुर के रैन बसेरे*

 

*35 रैन बसेरों में 2700 से अधिक जरूरतमंदों को निःशुल्क आश्रय, कंबल-अलाव से मिली राहत*

 

*अधिकारियों के नियमित निरीक्षण से व्यवस्थाएं दुरुस्त, सभी रैन बसेरे बने निराश्रितों का मजबूत सहारा*

 

कानपुर नगर।

शीतलहर के बढ़ते प्रकोप के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर कानपुर नगर में निराश्रितों को ठंड से बचाने के लिए व्यापक और प्रभावी इंतजाम किए गए हैं। जनपद में संचालित रैन बसेरे इस समय हजारों जरूरतमंदों के लिए सुरक्षित, निःशुल्क और सम्मानजनक आश्रय का माध्यम बन रहे हैं।

 

*30 स्थायी और 5 अस्थायी रैन बसेरे*

शासन के आदेश पर नगर निगम द्वारा 30 स्थायी और 5 अस्थायी रैन बसेरों का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है, जिनमें भीड़ लगातार बढ़ रही है। बीते कुछ दिनों में 2700 से अधिक निराश्रितों ने इन रैन बसेरों का लाभ लिया है, जिससे प्रशासन की तैयारी और सक्रियता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

 

सभी रैन बसेरों में रजाई, कंबल, गद्दे, स्वच्छ बिस्तर, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और अलाव की सुविधा सुनिश्चित की गई है। निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों के पहुंचने पर अतिरिक्त रजाई-कंबलों की तत्काल व्यवस्था की जा रही है। रैन बसेरे पूरी तरह निःशुल्क संचालित किए जा रहे हैं।

 

*सुतरखाना का शहरी आश्रय गृह बना मॉडल*

सुतरखाना क्षेत्र में संचालित तीन मंजिला शहरी आश्रय गृह प्रशासन की संवेदनशीलता का उदाहरण बनकर सामने आया है। इस रैन बसेरे में महिला, पुरुष और दिव्यांगजनों के लिए अलग व्यवस्था, अटैच टॉयलेट, आरओ पेयजल और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध है।

 

*प्रशासनिक निगरानी से व्यवस्थाएं और मजबूत*

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा रैन बसेरों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण का उद्देश्य किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकना और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाना है।

 

डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि रैन बसेरों में स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और ठंड से बचाव की सभी सुविधाएं अनिवार्य हैं। लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

उन्होंने नगर निगम के सभी जोनल अधिकारियों, नगर स्वास्थ्य अधिकारी और अपर नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि जनपद के सभी रैन बसेरों का नियमित और औचक निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

 

कानपुर नगर में 35 रैन बसेरे सक्रिय

• स्थायी रैन बसेरे : 30

• अस्थायी रैन बसेरे : 5

 

प्रमुख रैन बसेरे—

सुतरखाना (नौ नंबर रेलवे स्टेशन मार्ग)

– तीन मंजिला शहरी आश्रय गृह

– महिला, पुरुष व दिव्यांगजनों के लिए पृथक व्यवस्था

• परमट मंदिर के निकट रैन बसेरा

– सीमित क्षमता, व्यवस्थाएं ठीक

• भैरव घाट रैन बसेरा

– निरीक्षण के बाद व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश

• झकरकटी बस अड्डा (अस्थायी)

– आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध

– मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, रजाई-कंबल की सुविधा

वर्जन

“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत जनपद में संचालित सभी रैन बसेरों को पूरी तरह निःशुल्क, सुरक्षित और सुविधायुक्त रखा जा रहा है। ठंड के मौसम में किसी भी निराश्रित को खुले में न रहना पड़े, यह प्रशासन की प्राथमिकता है। रैन बसेरों में स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, रजाई-कंबल और अलाव जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।”

— जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, कानपुर नगर

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