कानपुर; दिनांकः 30.12.2025
*कानपुर मेट्रोः वर्ष 2025 में इंजीनियरिंग की नई इबारत, शहर को मिला अंडरग्राउंड मेट्रो का उपहार*
*2026 में पहले नौबस्ता और फिर सीएसए से बर्रा-8 के बीच मेट्रो परिचालन का लक्ष्य*
*16 किमी से बढ़कर 33 किमी का हो जाएगा मेट्रो नेटवर्क, मेट्रो स्टेशनों की संख्या 14 से बढ़कर होगी
*नौबस्ता तक मेट्रो संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में*
कॉरिडोर-1 (आईआईटी से नौबस्ता) के अंतर्गत आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक यात्री सेवाएं आरंभ होने के बाद अगला लक्ष्य नौबस्ता तक मेट्रो संचालन है। इस विस्तार के साथ 2 नए अंडरग्राउंड स्टेशन- झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर तथा 5 नए एलिवेटेड स्टेशन- बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता मेट्रो नेटवर्क से जुड़ेंगे। जनवरी 2026 में इस शेष बचे हुए सेक्शन पर टेस्ट रन आरंभ होने की संभावना है।
कानपुर सेंट्रल से स्वदेशी कॉटन मिल के समीप रैंप तक लगभग 3 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन में टनलिंग कार्य अक्टूबर 2025 में ही पूर्ण कर लिया गया था, जिसके बाद वर्तमान में इसके दोनों लाइनों ‘अप-लाइन‘ और ‘डाउनलाइन‘ पर ट्रैक निर्माण कार्य प्रगति पर है। बारादेवी से नौबस्ता तक 5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सेक्शन में ट्रैक निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है तथा सिग्नल इंस्टॉलेशन के बाद टेस्टिंग कार्य जारी है। कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक ट्रेनों की टेस्टिंग एवं स्टेशनों की बिजली आपूर्ति के लिए 6 नए सब-स्टेशन तैयार कर उन्हें ऊर्जीकृत कर दिया गया है।
*कॉरिडोर-2 पर भी निर्माण कार्य तेजी से बढ़ा आगे*
लगभग 8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के अंतर्गत निर्मित हो रहे एलिवेटेड सेक्शन में पाइलिंग, पाइल-कैप एवं पिलर निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं। पियर-कैप इरेक्शन का लगभग तीन-चौथाई से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है। आई-गर्डर्स, यू-गर्डर्स और डबल टी गर्डर्स के इरेक्शन कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। नौबस्ता स्थित कास्टिंग यार्ड में इन सभी प्री-कास्ट संरचनाओं की ढलाई का कार्य भी अपने अंतिम चरण की ओर है।
लगभग 4.10 किलोमीटर लंबे रावतपुर-डबल पुलिया अंडरग्राउंड सेक्शन के तहत सीएसए परिसर स्थित डिपो रैंप से रावतपुर होते हुए काकादेव तक ‘अप’ एवं ‘डाउन’ दोनों लाइनों पर टनलिंग कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में ‘गोमती’ और ‘पार्वती’ टनल बोरिंग मशीनों द्वारा काकादेव से डबल पुलिया तक टनलिंग कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2026 के प्रारंभिक महीनों में इस सेक्शन का टनलिंग कार्य पूर्ण होने की संभावना है, जिसके साथ ही ट्रैक निर्माण कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
*कानपुर मेट्रो स्टेशनों को मिली ग्रीन रेटिंग और ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार*
वर्ष 2025 कानपुर मेट्रो के लिए कई उपलब्धियां और सम्मान लेकर आया। कॉरिडोर-1 (आईआईटी-नौबस्ता) के अंतर्गत चुन्नीगंज से ट्रांसपोर्ट नगर तक स्थित सभी 7 अंडरग्राउंड स्टेशनों को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) द्वारा सर्वोच्च ‘प्लैटिनम रेटिंग’ प्रदान की गई। ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर कानपुर मेट्रो के आईआईटी कानपुर स्टेशन को ऊर्जा संरक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मा. राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति में सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट से सम्मानित किया गया।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, “कानपुर मेट्रो ने निर्माण कार्य आरंभ होने के बाद शहर के भीतर इंजीनियरिंग क्षमता के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। मेट्रो निर्माण केवल संरचनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि आधुनिक शहरी परिवहन की दिशा में समावेशी और संवेदनशील प्रयास भी है। कानपुर जैसे घनी आबादी वाले शहर में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाना एक बड़ी चुनौती होती है। आवश्यक नागरिक सेवाओं को प्रभावित किए बिना इस परियोजना को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाना ‘ह्यूमन इंजीनियरिंग’ का उत्कृष्ट उदाहरण है। आने वाले समय में दोनों कॉरिडोरों के पूर्ण होने से न केवल यातायात समस्या से राहत मिलेगी, बल्कि शहर के कार्बन फुटप्रिंट में भी कमी आएगी, जिससे प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े शहर की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।”
