लोक बंधु राज नारायण जी की जयंती कानपुर ग्रामीण कार्यालय मे मनाई गई नेता जी ईमानदारी, संघर्ष और जनसेवा के प्रतीक थे; वे केवल एक नेता नहीं बल्कि लोकतंत्र की आत्मा थे और उन्होंने सिखाया कि कैसे बिना सत्ता के भी जनता के लिए लड़ा जा सकता है, कैसे भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा हुआ जा सकता है, और कैसे आम आदमी की आवाज़ बन कर व्यवस्था परिवर्तन लाया जा सकता है, विशेषकर आपातकाल के दौरान उनके संघर्ष ने युवाओं को प्रेरित किया और लोकतंत्र के मूल्यों को स्थापित किया महामंत्री जितेंद्र कटियार ने अपने संबोधन मे कहा ki
राजनारायण एक प्रमुख समाजवादी नेता थे, जो इंदिरा गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने और उन्हें चुनौती देने के लिए जाने जाते थे. अनिल सोनकर ने
उनके बारे में कहा की सत्ता से समझौता किए बिना जनहित के लिए कैसे संघर्ष किया जाए, और उन्होंने ईमानदारी व सिद्धांतवाद को राजनीति का आधार बनाया कार्यक्रम का संचालन हरि कुश्वहा ने किया अध्यक्षता मगन सिंह भदौरिया ने किया कार्यक्रम मे सोनू त्रिपाठी, किशन लाल गौतम, सोमेंद्र शर्मा, अनिल सोनकर, नसीम रज़ा, राजू अवस्थी ,रितेश सोनकर आदि लोग उपस्थित रहे
