शहर में डॉक्टरों की सुरक्षा और पुलिस-डॉक्टर समन्वय को लेकर एक अहम पहल की गई है। शनिवार को कानपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय स्थित सभागार में पुलिस और शहर के सरकारी व निजी डॉक्टरों के बीच एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया।

 

इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों को सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक करना और पुलिस व डॉक्टरों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने डॉक्टरों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव, महिला हेल्प डेस्क की भूमिका और आपात स्थिति में पुलिस सहायता की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

 

पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों की सुरक्षा के लिए पुलिस हर स्तर पर सहयोग करेगी, ताकि डॉक्टर बिना किसी भय के अपनी सेवाएं दे सकें।

 

गोष्ठी में मौजूद डॉक्टरों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। उन्होंने शहर में लगने वाले जाम, अवैध रूप से संचालित एम्बुलेंस, अस्पतालों के आसपास अव्यवस्थित ट्रैफिक और आपात सेवाओं में आ रही दिक्कतों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

 

इस पर पुलिस आयुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जल्द समाधान कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर समाज शहर की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा व सुविधाओं को लेकर पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बाइट:

डॉ. संजय काला, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज

बाइट: क़ासिम आब्दी, डीसीपी क्राइम

 

गोष्ठी में पुलिस आयुक्त के साथ कमिश्नरेट पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी, सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टर तथा चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस पहल को पुलिस और डॉक्टरों के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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