एंकर— भारत की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने में अब एमएसएमई सेक्टर एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। यही नहीं, इसे देश की अर्थव्यवस्था का दूसरा इंजन बताया जा रहा है। कानपुर को औद्योगिक विकास का मॉडल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है.कानपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई आज देश की जीडीपी में करीब 30 प्रतिशत का योगदान दे रहा है और करोड़ों लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है।
Vo– सांसद रमेश अवस्थी ने बताया कि कृषि के बाद एमएसएमई देश का दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है, जो लगभग 28 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जोड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा एमएसएमई को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की सराहना की। सांसद ने कहा कि सरकार एमएसएमई इकाइयों को पूंजी बाजार से जोड़ने पर जोर दे रही है, ताकि उद्योग आईपीओ के जरिए बिना ब्याज के इक्विटी पूंजी जुटा सकें और तेजी से विस्तार कर सकें।
उन्होंने कानपुर को ऐतिहासिक औद्योगिक शहर बताते हुए कहा कि टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग और लघु उद्योगों की मजबूत परंपरा के कारण कानपुर में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। इसी क्रम में 7 जनवरी को कानपुर के होटल लैंडमार्क में एक विशेष सेमिनार आयोजित किया जा रहा है, जिसमें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के एमडी और सीईओ आशीष कुमार चौहान स्वयं मौजूद रहेंगे। इस सेमिनार में एमएसएमई उद्यमियों को पूंजी बाजार, निवेश और विकास के नए अवसरों की जानकारी दी जाएगी। सांसद रमेश अवस्थी का कहना है कि यह आयोजन न केवल एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देगा, बल्कि कानपुर को उत्तर भारत के एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। प्रदेश में पहली बार हो रहा यह अनोखा आयोजन कानपुर के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
