कानपुर में कोहरे का कहर, ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री बेहाल

 

कानपुर। घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने रेल यातायात को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। दिल्ली, हावड़ा, मुंबई, लखनऊ, झांसी समेत अन्य प्रमुख शहरों को जाने-आने वाली ट्रेनें कई-कई घंटे की देरी से चल रही हैं।कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार करते यात्री परेशान नजर आए, वहीं अपने परिजनों को रिसीव करने पहुंचे लोग भी प्लेटफॉर्म पर ठिठुरते हुए दिखाई दिए।

 

सुबह से ही स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। घने कोहरे के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने से यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कई यात्री घंटों तक प्लेटफॉर्म पर बैठे रहे, जबकि कुछ यात्री मजबूरन ठंड में खड़े रहकर अपनी ट्रेन के आने का इंतजार करते रहे। लगातार हो रही देरी से यात्रियों में गुस्सा भी देखने को मिला।

 

ट्रेनों की लेटलतीफी से परेशान सैकड़ों यात्रियों ने अपने टिकट वापस करा दिए और रिजर्वेशन कैंसिल कर दिया। खासतौर पर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्रियों ने बताया कि समय पर सूचना न मिलने से उनकी आगे की यात्रा की योजना भी बिगड़ गई।

 

इस बीच फंसे हुए यात्रियों ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर आलोचना की। ट्विटर, फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेनों की देरी को लेकर लगातार पोस्ट और मैसेज डाले गए, जिनमें रेलवे से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की गई।

 

ट्रेनों की देरी के चलते प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। ठंड और कोहरे के बावजूद यात्रियों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही थी। देर से चल रही ट्रेनों के यात्रियों के साथ-साथ अन्य ट्रेनों के यात्री भी प्लेटफॉर्म पर जमा हो गए, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बनी रही।

 

रेलवे सूत्रों के अनुसार, कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार सीमित रखी जा रही है, जिससे परिचालन में सुधार फिलहाल संभव नहीं दिख रहा। बर्फानी एक्सप्रेस, श्रमशक्ति एक्सप्रेस, गोरखधाम एक्सप्रेस, नई दिल्ली-बरौनी एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस, दिल्ली-दरभंगा स्पेशल समेत दर्जनों ट्रेनें कई-कई घंटे देरी से चल रही हैं।

 

कुल मिलाकर, सर्दी और कोहरे ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और जब तक मौसम में सुधार नहीं होता, तब तक रेल यात्रियों को इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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