कानपुर के विकास को नई गति: सांसद रमेश अवस्थी
गंगा रिवर फ्रंट परियोजना की दिशा में बड़ा कदम
कानपुर के समग्र विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए कानपुर सांसद रमेश अवस्थी ने प्रस्तावित गंगा रिवर फ्रंट परियोजना का स्थलीय एवं जलमार्ग से निरीक्षण किया। इस अवसर पर सेतु निगम, सिंचाई विभाग, कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) एवं लोक निर्माण विभाग के दर्जनों वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सांसद रमेश अवस्थी अधिकारियों के साथ नाव में बने स्टीमर पर बैठकर गंगा नदी के तट का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि अटल घाट से लेकर शुक्लागंज तक लगभग 9 किलोमीटर लंबा गंगा रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत अटल घाट, रानी घाट, आनंदेश्वर मंदिर रिवर साइड तथा सरसैया घाट को गंगा रिवर फ्रंट से जोड़ा जाएगा, जिससे धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस परियोजना की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) 6 माह के भीतर तैयार कर ली जाएगी, जिस पर लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत आएगी। परियोजना के विकास का कार्य कानपुर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा, जिसमें लगभग 2000 करोड़ रुपये का कुल व्यय अनुमानित है।
तकनीकी निरीक्षण के उपरांत सांसद रमेश अवस्थी ने अधिकारियों के साथ गंगा रिवर फ्रंट पर क्रूज संचालन की संभावनाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा की, जिससे कानपुर में पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि “गंगा रिवर फ्रंट के निर्माण से न केवल कानपुर वासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह परियोजना कानपुर को पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि भैरव मंदिर, आनंदेश्वर मंदिर और सरसैया घाट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल भी गंगा रिवर फ्रंट से सीधे जुड़ेंगे, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विशेष लाभ मिलेगा।
सांसद रमेश अवस्थी के इस प्रयास को कानपुर के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जो शहर को विकास, पर्यटन और रोजगार के नए शिखर पर ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी अनूप अवस्थी,कानपुर विकास प्राधिकरण के सचिव अभय कुमार पांडे,मुख्य नगर नियोजन मनोज कुमार,विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता आर पी सिंह,लोक निर्माण विभाग की अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार, सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक बीके सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे ।
