कानपुर दिनांक 21.01.2026

कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 एलिवेटेड सेक्शन का पहला स्टेशन लेने लगा आकार; निर्माणाधीन बर्रा-7 स्टेशन के सभी डबल टी-गर्डर्स का इरेक्शन हुआ पूरा

 

मेट्रो स्टेशन के तेज निर्माण के लिए होता है डबल टी-गर्डर का प्रयोग, स्टेशन बॉक्स को देता है आधार

 

कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 के अंतर्गत बन रहे एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी-बर्रा-8 एलिवेटेड सेक्शन का निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। लगभग 4.50 किमी लंबे उक्त सेक्शन में कुल 5 मेट्रो स्टेशन तैयार होने हैं, जिनके स्टेशन बॉक्स का आधार तैयार करने के लिए डबल टी-गर्डर्स के परिनिर्माण (इरेक्शन) की प्रक्रिया विभिन्न स्टेशनों पर तेजी से आगे बढ़ रही है। आज इस सेक्शन के निर्माणाधीन बर्रा-7 स्टेशन पर डबल टी-गर्डर्स के परिनिर्माण (इरेक्शन) का काम पूरा कर लिया गया। इसके साथ ही शहरवासियों को बर्रा-7 स्टेशन की रूपरेखा पहली बार आकार लेती दिखने लगी है।

 

डबल टी-गर्डर्स का महत्व

कानपुर मेट्रो की एलिवेटेड अवसंरचना में स्टेशन-बॉक्स को आधार देने के लिए डबल टी-गर्डर्स का प्रयोग किया जाता है। कॉरिडोर-2 एलिवेटेड सेक्शन के लिए कुल 141 डबल टी-गर्डर्स प्रस्तावित है, जिनमें से आधे से अधिक का इरेक्शन किया जा चुका है। निर्माणाधीन बर्रा-7 स्टेशन का आधार तैयार करने के लिए कुल 21 डबल टी-गर्डर्स का इरेक्शन किया गया है। आने वाले कुछ दिनों के अंदर विजय नगर चौराहा स्टेशन पर भी डबल टी- गर्डर्स के इरेक्शन का कार्य पूरा होने की संभावना है।

 

कानपुर मेट्रो का नवाचार

देश के अंदर एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन के कॉनकोर्स लेवल को आधार देने के लिए सबसे पहले डबल टी-गर्डर्स का प्रयोग कानपुर मेट्रो ने ही किया था। कॉरिडोर-1 (आईआईटी से नौबस्ता) के सभी स्टेशनों के निर्माण में भी डबल टी-गर्डर्स का प्रयोग किया गया है। इन डबल टी-गर्डर्स को पियर कैप और यू-गर्डर की तरह ही कास्टिंग यार्ड में तैयार करने के बाद क्रेन की सहायता से निर्धारित मेट्रो स्टेशन पर स्थापित किया जाता है।

 

कानपुर मेट्रो की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने कहा, “कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के एग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी – बर्रा-8 एलिवेटेड सेक्शन का सिविल निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। हम छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं और उनको समय पर पूरा करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश मेट्रो के इंजीनियरों की टीम शहरवासियों को समयबद्ध तरीके से मेट्रो सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है।

 

गौरतलब है कि लगभग 24 किमी लंबे कॉरिडोर-1 (आईआईटी-नौबस्ता) के अंतर्गत कानपुर मेट्रो की यात्री सेवाएं आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक लगभग 16 किमी लंबे रूट पर चल रहीं हैं। कॉरिडोर-1 के बैलेंस सेक्शन (कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता) और लगभग 8.60 किमी लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए-बर्रा 8) के अंतर्गत लगभग 4.50 किमी एलिवेटेड सेक्शन (एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी-बर्रा-8) और लगभग 4.10 किमी लंबा अंडरग्राउंड सेक्शन (रावतपुर – डबल पुलिया) का सिविल निर्माण कार्य तेजी से बढ़ रहा है।

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