*बालाजी मंदिर के पूर्व कोषाध्यक्ष पर दानपात्र तोड़कर 8 लाख रुपये लूटने का आरोप।*
*जाली हस्ताक्षर से हथियाई समिति, फिर मंदिर के चढ़ावे पर किया हाथ साफ।*
*चकेरी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल, मंदिर में चोरी का वीडियो होने के बाद भी थाने के चक्कर काट रहे भक्त।*
*मंदिर में हुई लूट की घटना का वीडियो वायरल।*
कानपुर चकेरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सनिगवाँ रोड स्थित दक्षिण मुखी बालाजी मंदिर में आस्था के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े और लाखों की चोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मंदिर की देखरेख करने वाली पुरानी कमेटी के सदस्य शशांक तिवारी उर्फ सोनी तिवारी ने पूर्व कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश पाण्डेय और उनके सहयोगियों पर मंदिर का दानपात्र तोड़कर लगभग 8 लाख रुपये लूटने और संस्था पर अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़ित शशांक तिवारी के अनुसार मंदिर का संचालन पिछले कई वर्षों से 15 सदस्यों की एक आपसी कमेटी द्वारा किया जा रहा था। दानपात्र हर 2-3 महीने में खोला जाता था, जिससे प्राप्त राशि लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये मंदिर के जीर्णोद्धार में लगती थी। आरोप है कि पूर्व कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश पाण्डेय ने धोखाधड़ी की नीयत से शशांक और अन्य सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर श्री बालाजी सेवा समिति नाम से संस्था रजिस्टर्ड करवा ली और अपने परिवार व सहयोगियों को इसमें शामिल कर लिया।
जब पुराने सदस्यों ने इसका विरोध किया तो वेद प्रकाश उनकी पत्नी और वकील बेटे सत्यम पाण्डेय ने उन्हें झूठे मुकदमों में जेल भिजवाने की धमकी दी। बताते चले कि आरोपी की पत्नी द्वारा पूर्व में भी सदस्यों पर मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं।
*दिनदहाड़े चोरी और बोरी में भरा चढ़ावा।*
घटना 11 जनवरी 2025 की दोपहर करीब 01:27 बजे की है। आरोप है कि वेद प्रकाश पाण्डेय अपने साथी जीतेन्द्र मिश्रा, बबलू गुप्ता, अविनाश वाजपेई और बेटे सत्यम पाण्डेय के साथ मंदिर में दाखिल हुए। उन्होंने सबसे पहले मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद किए और फिर दानपात्र का ताला तोड़ दिया। पिछले 15 महीनों से न खुलने के कारण दानपात्र में करीब 8 लाख रुपये जमा थे, जिसे आरोपियों ने बोरियों में भरा और मंदिर के पिछले दरवाजे से फरार हो गए।
*पुजारी ने बनाया वीडियो, पुलिस पर लीपापोती का आरोप।*
हैरानी की बात यह है कि आरोपियों ने सीसीटीवी तो बंद कर दिए, लेकिन मंदिर के पुजारी ने अपने मोबाइल से इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो में आरोपी साफ तौर पर रुपये बोरी में भरकर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे शशांक तिवारी और अन्य सदस्यों ने आरोपी के बेटे सत्यम पाण्डेय को पकड़ लिया और पुलिस को 112 नंबर पर सूचना दी। लेकिन पुलिस को आता देख सत्यम जान से मारने की धमकी देता हुआ वहां से भाग निकला।
शशांक तिवारी का कहना है कि घटना के कई दिन बीत जाने और पुख्ता वीडियो बतौर सबूत होने के बावजूद थाना चकेरी पुलिस कार्रवाई करने के बजाय मामले में लीपापोती कर रही है। पीड़ित पक्ष न्याय के लिए थाने के चक्कर काट रहा है, लेकिन अभी तक आरोपियों पर कोई कार्यवाही नही हुई है।
