समग्र हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन

 

 

कानपुर दक्षिण के जूही लाल कॉलोनी, पश्चिम बस्ती स्थित श्री शैलक माता मंदिर प्रांगण में समग्र हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस विशाल सम्मेलन में सहभागिता हेतु आयोजकों द्वारा पिछले एक सप्ताह से लगातार प्रभात फेरियों एवं वाहन रैलियों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को आमंत्रित किया जा रहा था।

 

इस विशाल सम्मेलन का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध एवं मुखर राष्ट्रवादी हिन्दुत्ववादी वक्ता, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री दिलीप दुबे जी रहे।

अपने उद्बोधन में श्री दुबे ने कहा कि छद्मवेषधारी धर्मनिरपेक्ष हिन्दुओं एवं तत्कालीन सत्ताधीशों द्वारा वक्फ बोर्ड बनाकर हिन्दुस्तान में मुसलमानों की अवैध संपत्तियों को संरक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि स्वयं कर्तव्य करना संघ सिखाता है।

 

उन्होंने जनसंख्या वृद्धि को अत्यंत गंभीर विषय बताते हुए कहा कि जहाँ पहले हिन्दुओं की आबादी 91 प्रतिशत थी, वह आज घटकर लगभग 79 प्रतिशत रह गई है, वहीं मुसलमानों की आबादी 9 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 20 प्रतिशत हो चुकी है। यह जनसंख्या संतुलन अत्यंत खतरनाक है। उन्होंने संतति वृद्धि पर नियंत्रण का संकल्प लोगों को दिलाया।

 

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सिद्धनाथ धाम के पीठाधीश्वर बालयोगी अरुण चैतन्यपुरी जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म ईश्वर प्रदत्त है। श्रीराम ने वनवास जाते समय शस्त्रों का परित्याग नहीं किया। शस्त्रधारण आत्मरक्षा एवं कमजोरों के संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

 

कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति शिवशक्ति अखाड़ा के पीठाधीश्वर मधुराम शरण शिवाजी महाराज की रही।

मधुराम शरण शिवाजी महाराज ने कहा कि हिन्दुओं को अपने धर्म के प्रति कर्मकाण्ड से ऊपर उठकर राष्ट्रीय रक्षा के प्रति संकल्पित होना होगा। साथ ही “एक या दो बच्चे” जैसे भ्रामक नारों को नकारते हुए परिवार वृद्धि पर ध्यान देना होगा। शक्ति-संवर्धन एवं प्रतिकार हेतु सदैव तत्पर रहना होगा। उन्होंने “शस्त्रमेव जयते” का आह्वान किया।

 

कार्यक्रम में संघ की सौ वर्षों की यात्रा पर प्रकाश डाला गया। सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं संघ विचारक डॉ. घनश्याम अग्निहोत्री ने कहा कि सुदृढ़ समाज का निर्माण सुदृढ़ परिवार से होता है और सुदृढ़ परिवार का निर्माण मातृशक्ति की सुदृढ़ता से होता है।

इसी विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं भौतिकी विभाग की प्रोफेसर डॉ. मधु अवस्थी (डी.बी.एस. कॉलेज) ने वर्तमान समाज में गिरती हुई नैतिक जिम्मेदारी पर मातृशक्ति की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

 

इस भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वस्तिवाचन के साथ किया गया। कार्यक्रम में दीप स्तुति, गणेश वंदना एवं वंदेमातरम् का अत्यंत मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण वैष्णवी गुप्ता द्वारा किया गया। स्वस्तिवाचन वटुकों द्वारा संपन्न हुआ।

 

ज्ञात हो कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संघ के शताब्दी वर्ष में पूरे देश में इस प्रकार के हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन प्रत्येक बस्ती में किया जा रहा है। इस सम्मेलन में वक्ताओं ने संघ की सौ वर्षों की कठिन यात्रा एवं आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

 

इस सम्मेलन का एक विशेष आकर्षण यह रहा कि समाज के निचले पायदान माने जाने वाले वर्गों को प्रतिनिधित्व प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस क्रम में दो सफाई कर्मियों श्रीमती श्यामली एवं अनिल को सम्मानित किया गया।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले पर्यावरणविद् धर्मेन्द्र अवस्थी को सम्मानित किया गया।

अत्यंत अनुशासित एवं गरिमामयी ढंग से इस कार्यक्रम का सफल संचालन आयोजन समिति के संयोजक सुधीर शुक्ल द्वारा किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में सह-संयोजक सीताराम साहू, अध्यक्ष विद्याधर अवस्थी, उपाध्यक्ष कृष्णा द्विवेदी, कोषाध्यक्ष विष्णुदत्त त्रिपाठी के साथ अनूप गुप्ता, रविन्द्र गुप्ता, लक्ष्मी नारायण मिश्र, पूर्व पार्षद संदीप जायसवाल, पूर्व पार्षद अल्पना जायसवाल, बृजलाल गुप्ता, श्याम शुक्ला, विपिन सिंह, मनोज रंजन, परशुराम, डॉ. ब्रज मिश्र, निर्मल देव मालवीय, प्रिंस सैनी, वरुण दीक्षित, दिनेश, दीपक शर्मा, अरुण तिवारी, सुखेन्द्र यादव, रवि राठी, अरुणेश दीक्षित आदि का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति रही शिक्षण संस्थान प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ दिवाकर मिश्र की।पूरे कार्यक्रम का कुशल मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन अरुण कुमार सिंह, किंजल कुमार द्विवेदी एवं विनायक शरण मिश्र द्वारा किया गया।

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