कानपुर की चकरपुर मंडी में चल रही दोहरी नीति

मंडी सचिव व मंडी निरीक्षक फल व आलू मंडी को दे रहे प्राथमिकता।

चकरपुर सब्जी मंडी के आढ़ती व व्यापारी मंडी प्रशासन की दोहरी नीति से परेशान।

चकरपुर मंडी में गेट पास के नाम पर हो रही जमकर वसूली।

उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर नगर की सबसे बड़ी फल व सब्जी मंडी इन दिनों खासा चर्चा का विषय बनी हुई है।
जहां एक ओर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने फल और सब्जियों के किसानों को अपनी पैदावार बेचने के लिए मंडी शुल्क माफ करने का आदेश दिया था। ताकि किसानों के कारोबार करने को आसान बनाने और किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 46 खराब हो जाने वाले फल और सब्जियों के लिए मंडी शुल्क को माफ करने का एलान किया था।
लेकिन इन सभी आदेशो से परे कानपुर मंडी समिति के सचिव पूरी तरह से दोहरी नीति अपनाते हुए चकरपुर मंडी के सब्जी मंडी के आढ़तियों से सौतेला व्यवहार कर रहे है।
सब्जी मंडी के आढ़तियों का कहना है कि किसानों, व्यापारियों, फुटकर सब्जी विक्रेताओं व क्रेताओं से गेट पास के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। अवैध वसूली मंडी सचिव व मंडी निरीक्षक के सह पर प्राइवेट लड़को से करवाई जा रही है।
यदि कोई व्यापारी इस अवैध वसूली का विरोध करता है तो प्राइवेट लड़को द्वारा उससे गाली गलौज की जाती है यदि अगर व्यापारी फिर भी नही माना तो उसकी पिटाई तक कर दी जाती है,, यह प्राइवेट लड़के हमेशा शराब के नशे में धुत व लाठी डंडों के रहते है।
वही नाम न बताते की शर्त पर चकरपुर सब्जी मंडी के एक आढ़ती ने बताया कि यदि कोई बाहरी व्यापारी मंडी में अपनी सब्जी या फल बेचने लेकर आता है। तो उससे मंडी शुल्क तो लिया ही जाता है, उसके बाद उससे गेट पास के नाम पर अवैध वसूली स्वरूप प्रति कुंटल के हिसाब से जबरन 20 रुपये से लेकर 50 रुपये तक अलग धन उगाही की जाती है। यह सब मंडी सचिव व मंडी निरीक्षक के संरक्षण में होता है।
जब सब्जी मंडी के आढ़तियों ने इस मामले को लेकर मंडी सचिव से बात की तो मंडी सचिव ने आढ़तियों की आवाज दबाने के लिए सब्जी मंडी में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला डाला।
वही आढ़तियों ने आरोप लगाते हुए बताया कि मंडी सचिव द्वारा बिना सूचना दिए ही सब्जी मंडी में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, जबरन दुकानों में लगी टीन सेट, लकड़ी के टट्टर व दुकान के बाहर रखे लकड़ी के तखत तोड़ डाले गए, और दुकानों के बाहर रखी सब्जियां तक फेंक दी गई,
इस अतिक्रमण के कारण भावुक होते हुए आढ़तियों ने बताया कि जो हम लोगो के पास दुकान है उसमें जगह कम है, और सब्जी रखने के लिए ज्यादा जगह की आवश्यकता होती है, इसीलिए दुकानों के आगे सब्जियां रखते है, जिससे व्यापारियों को सब्जी देखने व खरीदने मे कोई परेशानी नही होती है, जो लोग अतिक्रमण करें हुए है उनको मंडी सचिव नजरअंदाज कर के चले गए, मंडी परिसर में अवैध कैंटीन संचालक अतिक्रमण किये हुए है, कैंटीनों का अतिक्रमण मंडी सचिव को नही नजर आता है,
वही आढ़तियों से जब उनकी सुरक्षा व मंडी में उनके लिए की गई व्यवस्था के विषय मे पूंछा गया तो आढ़तियों ने बताया कि मंडी सचिव हम लोगो की सुरक्षा के प्रति बिल्कुल भी वफादार नही है, उनको सिर्फ आलू व फल मंडी से ही लेना देना है, सब्जी मंडी में न सफाई की व्यवस्था है और ना ही शौचालय है।।
सब्जी मंडी में दो दिन पूर्व हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान कुछ आढ़तियों ने इस अतिक्रमण का विरोध किया तो मंडी निरीक्षक द्वारा आढ़तियों पर कानपुर के थाना सचेंडी में संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
वही आढ़तियों का कहना है कि हम लोग मंडी सचिव की दोहरी नीति के खिलाफ जल्द ही धरना प्रदर्शन करेंगें।।

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