करनिर्धारण–पुनः करनिर्धारण पर मंथन, करदाताओं के अधिकारों पर रहा फोकस
कानपुर। कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित डायरेक्ट टैक्स स्टडी सर्किल की बैठक में करनिर्धारण एवं पुनः करनिर्धारण से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। गोष्ठी में यह स्पष्ट किया गया कि आयकर विभाग की कई असेसमेंट और री-असेसमेंट कार्यवाहियां प्रक्रियागत त्रुटियों के कारण न्यायिक जांच में टिक नहीं पातीं, जिससे करदाताओं को राहत मिलती है।
मुख्य वक्ता सीए विवेक खन्ना ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि करनिर्धारण और पुनः करनिर्धारण के मामलों में नोटिस की वैधता, कारणों का विधिवत रिकॉर्ड, निर्धारित समय-सीमा का पालन और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का अनुपालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि इन बिंदुओं में कमी रह जाती है तो विभाग की कार्यवाही कानूनन कमजोर हो जाती है और करदाता को न्यायिक स्तर पर लाभ मिलता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि केवल संदेह के आधार पर, बिना ठोस सूचना और तथ्यों के, पुनः करनिर्धारण की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती। करदाता का यह अधिकार है कि उसे यह जानकारी दी जाए कि उसके विरुद्ध कार्यवाही किस आधार पर की जा रही है और उसे अपना पक्ष रखने का पूरा व निष्पक्ष अवसर मिले।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सीए दीप कुमार मिश्र ने कहा कि करदाता अनावश्यक भय या दबाव में आकर जल्दबाजी में निर्णय न लें। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी कर संबंधी कार्यवाही में कानूनी सलाह लेकर समय पर आपत्ति और उचित प्रस्तुति दें, जिससे अनावश्यक कर-देयता के साथ-साथ मानसिक और आर्थिक तनाव से भी बचा जा सकता है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार द्विवेदी ने कहा कि इस तरह की अध्ययन गोष्ठियां न केवल कर पेशेवरों के ज्ञानवर्धन में सहायक होती हैं, बल्कि आम करदाताओं के अधिकारों की रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे कर प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़ते हैं।
गोष्ठी का संचालन एसोसिएशन के महामंत्री सीए शरद सिंघल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष सीए मनीष श्रीवास्तव ने दिया। कार्यक्रम में सुशील कुमार सिंह, राजीव कुमार गुप्ता, अरुण अहलुवालिया, शैलेन्द्र सचान, शरद श्रीवास्तव, पद्मेश बाजपेयी, अवधेश मिश्रा, गोपाल गुप्ता, राजू काश्यप, अंशुल श्रीवास्तव, विमल बाजपेयी, अरविन्द नाथ, संतोष मिश्रा, मुकुंद गुप्ता, उत्कर्ष मिश्रा, संतोष गुप्ता, अशोक शुक्ल सहित बड़ी संख्या में कर पेशेवर उपस्थित रहे।
