जश्ने दस्तार हिफज़ उल-कुरान का जलसा आयोजित
मदरसा अरबिया रज्जाकिया मदीनतुल उलूम बांस मंडी में जश्ने दस्तार हिफज़ उल-कुरान का जलसा आयोजित जलसे को संबोधित करते हुए हजरत अल्लामा मौलाना फारूक अहमद निजामी आलमी साहब ने फरमाया जो इंसान अल्लाह तआला के डर से गुनाह और बुराई छोड़ देता है अल्लाह उसे बहुत बेहतर इनाम देता है। अपने गुनाहों से कैसे बचा जाए जाहिर है कि जब आपको पता चल जाएगा कि कौन सा काम करना गुनाह है तो आप उससे बच सकेंगे इसलिए सबसे पहले गुनाहों के बारे में जानकारी हासिल कर लें, जैसे सूद के लेन-देन का मौका था धन भी बढ़ता दिख रहा था फिर भी छोड़ दिया
मौलाना मुफ्ती मुहम्मद हनीफ बराकती मुफ्ती शहर कानपुर ने कहा यदि कोई व्यक्ति झूठ बोल रहा है तो क्या वह चाहेगा कि सामने वाले को उसके झूठ के बारे में पता चले वह नहीं चाहेगा नहीं तो उसकी बदनामी होगी लोगों के सामने उसकी बेइज्जती होगी हम लोगों के सामने बुरे काम नहीं करते लेकिन ये बात याद रखें कि कोई देखे या न देखे अल्लाह देख रहा है और इस तरह अपने आप को झूठ बोलने से बचा लें। मौलाना ज़करिया अशरफी ने फरमाया शाबान शरीफ का महीना शुरू हो चुका है इस महीने में नेकियों और बरकतों की बारिश होती है इसलिए हमें चाहिए कि इस पाक महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें !हजरत अल्लामा मौलाना मुफ्ती रफी अहमद निज़ामी ने अपने बयान में कहा कि यह वाकई सच है जरा सोचिए अगर हममें से किसी को यह बताया जाए कि आज आपकी जिंदगी का आखिरी दिन है तो मुझे बताओ एक मुसलमान अपने जीवन का आखिरी दिन कैसे बिताएगा क्या वह फिल्में और नाटक देखेगा गाने सुनेगा क्या वह मोबाइल पर फालतू कर्मों और पापों में व्यस्त रहेगा नहीं एक मुसलमान अपने जीवन का आखिरी दिन अच्छे कामों में बिताएगा वह नमाज़ पढ़ेगा वह जितना मुमकिन हो सके उतनी इबादत करेगा।
मदरसे से फारिग होने वाले आठ हाफ़िज़ कुरान की दस्तार बंदी हुई व उलमा के ज़रिए सनद से नवाजा गया!जलसे की शुरुआत कारी शमसुद्दीन ने कुरान की तिलावत से की और कारी इकबाल बेग कादरी फैसल अलीमी शादाब रजा मुहम्मद रेहान ने बारगाह रिसालत में नात शरीफ पेश की
जलसे की सदारत काजी शहर कानपुर मौलाना मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही कियादत हाफिज अब्दुल रहीम बहराइची और निजामत शब्बीर कानपुरी ने की।इस मौके पर खास तौर से मौलाना सैय्यद अकमल अशरफी मौलाना कासिम हबीबी कारी सैयद अब्दुल हबीब कारी अब्दुर्रशीद कारी मोहम्मद सगीर आलम हबीबी मौलाना तहसीन रजा मौलाना गुलाम मुस्तफा मौलाना नूर आलम हाफ़िज़ साबिर अली ओवैसी मौलाना फिरोज हाफिज खुर्शीद हाजी आसिफ रईस हाजी नसीम हाजी महमूद आलम हाजी अतीक अहमद मुहम्मद आजाद साबिर अली हाजी शाहिद मुहम्मद फिरोज मुहम्मद तालिब हाजी अली हसन अब्दुल कलाम मुहम्मद कैफ आदि मौजूद रहे।
