आशा वर्कर्स ने सरकार व स्वास्थ्य विभाग को दी चेतावनी
•मानदेय बढ़ाए जाने की मांग को लेकर किया धरना प्रदर्शन।
नरवल। आशा वर्कर्स यूनियन की प्रदेश सचिव के नेतृत्व में आशा कार्यकत्रियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसौल में धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार व स्वास्थ्य विभाग को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी कि जब तक समुचित मानदेय नहीं बढ़ाया जाता तब तक वह स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कार्य नहीं करेंगी।
लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करती हुई आशा वर्कर्स यूनियन की प्रदेश सचिव सुनीता वर्मा ने मांग की कि कि वर्षों से मानदेय, प्रोत्साहन राशि और विभिन्न अभियानों के भुगतान में देरी से उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। उनका कहना है कि विगत कई महीनों का बकाया मानदेय, राज्य वित्त प्रतिपूर्ति राशि व स्वास्थ्य अभियानों से जुड़ा भुगतान नहीं मिला। जबकि 6 अक्टूबर 2025 को शासन स्तर पर दिए गए ज्ञापन के बाद उनकी मांगों पर सहमति बनी थी। उस समय मुख्यमंत्री स्तर से लंबित भुगतान और अन्य समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया था। इसके बाद 13 अक्टूबर
2025 को स्वास्थ्य मंत्री स्तर पर हुई बैठक में भी 1 नवंबर 2025 से समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन मिला था लेकिन इन वादों के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आशा कार्यकत्रियों व संगिनियों ने मानद स्वयं सेवक की जगह सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें न्यूनतम 21 हजार रुपये व संगिनियों को 28 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।
धरना प्रदर्शन के दौरान ही प्रदेश सचिव ने सरसौल क्षेत्र में संगठन को मजबूती प्रदान करते हुए अध्यक्ष मनोनीत किया।
नरवल समाचार 2 व फोटो
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसौल में प्रदर्शन करती आशा वर्कर्स।
