खेत तालाब योजना से मछली पालन को दी नई दिशा
– घाटमपुर ब्लॉक के कोरियां गांव के किसान ने पेश की मिसाल
– प्रगतिशील किसान देवेन्द्र वर्मा कम लागत और सही तकनीक से कमा रहे बड़ा मुनाफा
कानपुर।
खेती के साथ आय बढ़ाने के लिए किसान अब परंपरागत तरीकों से हटकर नए विकल्प अपना रहे हैं। कानपुर नगर के घाटमपुर ब्लॉक स्थित कोरियां गांव के किसान देवेंद्र वर्मा ने योगी सरकार की खेत तालाब योजना के तहत अपने खेत में तालाब बनवाकर मछली पालन शुरू किया है। सही प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी और सरकारी योजनाओं के सहारे उन्होंने कम समय में मछली पालन को लाभकारी व्यवसाय बना दिया है। आज मछली पालन से उन्हें सालाना लाखों रुपये की आमदनी हो रही है और वे अन्य किसानों को भी इस ओर प्रेरित कर रहे हैं।
देवेंद्र वर्मा ने वर्ष 2023 में मछली पालन की शुरुआत की। शुरुआती समय में उन्हें 1 से 1.5 लाख रुपये तक का मुनाफा हुआ, लेकिन अनुभव, प्रशिक्षण और तकनीक के सही उपयोग से आज वे 5 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। कुल लागत को जोड़ने पर मछली पालन से सालाना करीब 12 लाख रुपये की आमदनी हो रही है।
देवेंद्र वर्मा बताते हैं कि मछली पालन में सफलता के लिए जानकारी और प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से हैदराबाद प्रशिक्षण लेने गए, जहां उन्होंने मछलियों का बीज अपने स्तर पर तैयार करने की तकनीक सीखी।
उनका कहना है कि वर्तमान में एक बार मछली पालन की पूरी प्रक्रिया में करीब 7 महीने का समय लगता है। यदि अपनी नर्सरी तैयार हो जाए, तो एक ही सीजन में दो बार मछली उत्पादन संभव है, जिससे आय और बढ़ाई जा सकती है।
तालाब का आकार और उत्पादन
देवेंद्र वर्मा के पास खेत तालाब योजना के अंतर्गत बने लगभग 22×35 मीटर आकार के दो तालाब हैं। इन्हीं तालाबों में वे मछली पालन कर रहे हैं। देवेन्द्र बताते हैं, “शुरुआत में छोटी मछलियां प्रति 15 रुपए मछली के हिसाब से खरीदी और जब मछलियां पूरी तरह तैयार होजाएंगी तो उनकी बिक्री कुंतल के हिसाब से करेंगे। इस साल काफी अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है।मछलियों की खरीद उन्नाव, कौशांबी और अकबरपुर से की जाती है। बाजार में मांग अच्छी होने के कारण बिक्री में कोई परेशानी नहीं आती”
किसानों के लिए संदेश
देवेंद्र वर्मा कहते हैं कि यदि किसान खेती के साथ-साथ मछली पालन जैसे विकल्प अपनाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ लें, तो कम जमीन में भी अच्छी आमदनी संभव है। वे अपने क्षेत्र के किसानों को भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
मछली पालन करते समय इन बातों का रखें ध्यान
• तालाब में पानी की गहराई और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
• भरोसेमंद स्थान से ही मछलियों का बीज (फिंगरलिंग) लें
• तालाब में एक साथ जरूरत से ज्यादा मछलियां न डालें
• समय-समय पर चूना व जरूरी दवाइयों का प्रयोग करें
• मछलियों को संतुलित आहार दें, अधिक दाना नुकसानदायक होता है
• पानी का रंग और मछलियों की गतिविधि रोज देखें
• प्रशिक्षण लेकर ही काम शुरू करें, इससे नुकसान की आशंका कम होती है
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खेत तालाब योजना क्या है
• किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए चलाई जा रही सरकारी योजना
• खेती योग्य भूमि में तालाब निर्माण के लिए अनुदान दिया जाता है
• तालाब का आकार मीटर में तय किया जाता है
• तालाब निर्माण लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है
• तालाब का उपयोग सिंचाई, मछली पालन और पशुपालन में किया जा सकता है
• योजना का लाभ कृषि एवं मत्स्य विभाग के माध्यम से मिलता है
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मछली पालन के लिए क्या जरूरी है
• खेत या खाली जमीन उपलब्ध हो
• पानी की व्यवस्था सालभर बनी रहे
• मत्स्य विभाग में पंजीकरण
• तकनीकी प्रशिक्षण या मार्गदर्शन
• बाजार से जुड़ाव (बिक्री के लिए)
• सरकारी योजनाओं की सही जानकारी
