किसी बच्चे की शिक्षा के बीच रुपए रुकावट ना बने: साजिद
कानपुर मुस्लिम बस्ती में एकमात्र ऐसा स्कूल जिसका शुभारंभ 1978 में कक्षा नर्सरी से लेकर कक्षा 5 तक सय्यद तौफीक अहमद उर्फ साजिद सर के द्वारा हुआ। घनी बस्ती लोगों में शिक्षा का अभाव शिक्षा क्या होती है दूर दूर तक लोगों को जानकारी नहीं थी लोग सुबह निकल जाते थे कम पर शाम को लौट कर आते थे और सो जाते थे उसे बीच साजिद सर ने तलाक महल स्थित कानपुर नगर में आबादी के बीच शिक्षा का दीपक जलाया उस दीपक का नाम था ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल आज भी वह स्कूल वही स्थित है वही रोजाना स्कूल गेट पर खड़े रहना एक-एक बच्चे पर निगरानी रखना समाज के हर वर्ग के बच्चों को शिक्षा दी जा रही है बच्चों के पिता नहीं है उनका विशेष ध्यान रखा जाता है धीमे-धीमे मुस्लिम समाज के लोगों में यह संदेश पहुंचा कि एक शख्स जिसने हजारों परिवारों को शिक्षा से वंचित होने से बचा लिया। साथ ही साथ राजनीति का शौक हुआ बसपा में सन 2008 अल्पसंख्यक प्रदेश अध्यक्ष मुस्लिम भाईचारा में 2002 में ऑल इंडिया एतिहादुल मुस्लिमीन पार्टी में नगर अध्यक्ष मोईनउद्दीन मैनू के साथ कार्यभार संभाल एवं महापौर की भी दावेदारी की पूरी तैयारी की महिला सीट हो जाने के कारण चुनाव नहीं लड़ सके। 2024 में कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज आलम के साथ प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी कांग्रेस पार्टी में संभाली साथ ही साथ कांग्रेस कमेटी में नगर अध्यक्ष नौशाद मंसूरी के साथ में मेन बॉडी में नगर उपाध्यक्ष बनाए गए नवनिर्वाचित नगर अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी के पवन गुप्ता के साथ जिम्मेदारी निभा रहे हैं प्राप्त जानकारी के अनुसार समाज में इतना संघर्ष करने के बाद शिक्षा जगत में शिक्षकों के लिए बड़ी उदास्ता है शिक्षकों की स्थिति शुभ नहीं है साजिद सर का यह कहना है कि अगर मुझे ऊपर वाले का आशीर्वाद मिला तो अपनी जिंदगी में शिक्षक एमएलसी का चुनाव लड़ूंगा जिसकी तैयारी में वह अभी से सतर्क हो चुके हैं।
