कानपुर, दिनांक: 01.02.2026
कानपुर मेट्रो: कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन पर काव्य पाठ ने बांधा समां*
कानपुर मेट्रो यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने के साथ-साथ साहित्य एवं संस्कृति से जोड़ने वाले मंच के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। इसी क्रम में आज कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन पर पार्वती विश्वनाथ साहित्य संगठन के सहयोग से काव्य पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें शहर सहित बाहर से आए युवा कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी।
कविता और संगीत के रंगों से सजा मेट्रो परिसर
कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर लगभग 12 बजे से हुआ। कवियों ने एक के बाद एक अपनी रचनाओं से यात्रियों और श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कवयित्री सीमा सक्सेना ने अपनी कविता “आजकल बेड़ियां तोड़ती बेटियां” से खूब सराहना बटोरी। उन्नाव से आए कवि नरेंद्र कुमार ओसियां की पंक्तियां “जब तक मां जिंदा है सेवा कर लो, वरना घर से जन्नत चली जाएगी” श्रोताओं के मन में देर तक गूंजती रहीं।
पार्वती विश्वनाथ साहित्य संगठन के अध्यक्ष कुमार सर्वेश ने अपनी कविता “प्यार में पड़ते देखा है” का भावपूर्ण पाठ किया। कवि शैलेन्द्र ने बसंत को समर्पित कविता “अबकी मन भी खिल उठा है वसंत के बहार में” के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
युवा कवि आशुतोष अवस्थी ने “आधुनिकता में बस ,मन मन से जलता है” प्रस्तुत की। इसके अलावा
शिखा मिश्रा, हर्षित शर्मा, शालू यादव, सलोनी पटेल, निखिल श्रीवास्तव, आशीष द्विवेदी, अर्जेंट सिंह, अभिषेक बाजपेई , शालिनी सिंह, मोहित उपाध्याय, आनंद ठाकुर आदि कवियों ने भी अपनी कविताओं से गोष्ठी में विशेष रंग भर दिया। काव्य पाठ के बाद रोमी शर्मा ने अपनी मधुर आवाज में संगीत प्रस्तुति की। नन्ही कलाकार रीयांशी कनौजिया ने अपनी सुंदर नृत्य प्रस्तुति से जमकर तालियां बटोरीं।
शो योर टैलेंट युवाओं की प्रतिभा को मंच कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों और यात्रियों ने कहा कि कानपुर मेट्रो की शो योर टैलेंट पहल युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान कर रही है। इस पहल के अंतर्गत कानपुर मेट्रो नवोदित कलाकारों को मेट्रो स्टेशनों पर कविता, संगीत, बैंड, नृत्य, नुक्कड़ नाटक और अन्य कलाओं की प्रस्तुति का अवसर प्रदान कर रहा है, जिससे युवा कलाकारों की रचनात्मकता को बढ़ावा मिल रहा है।
