*कानपुर पुलिस का सख्त अभियान: चाइनीज मांझा बिक्री पर जीरो टॉलरेंस*
*न्यूज इंडिया नेटवर्क कानपुर ब्यूरो | राजीव वर्मा*
कानपुर, 05 फरवरी 2026: लखनऊ में चाइनीज मांझे से हुई दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिबंध के बावजूद बाजार में चाइनीज मांझा उपलब्ध होने की जांच करें और चेतावनी दी कि अब ऐसी मौतों को हत्या माना जाएगा।
इसी कड़ी में कानपुर नगर पुलिस ने आज एक विशेष अभियान चलाकर शहरभर में पतंग और मांझा विक्रेताओं की दुकानों की सघन जांच की। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक शहर के चारों जोन के थानों की टीमें सक्रिय रहीं।
*प्रमुख बाजारों में हुई जांच*
अभियान के तहत रावतपुर, फीलखाना, बाबूपुरवा, मूलगंज और किदवई नगर सहित प्रमुख पतंग बाजारों में विशेष चेकिंग की गई। पुलिस टीमों ने पतंग, धागा और जनरल स्टोर्स सहित संबंधित दुकानों पर मौजूद सामान की जांच की और चाइनीज मांझा की बिक्री या भंडारण के बारे में आवश्यक सत्यापन किया।
*दुकानदारों को दिए सख्त निर्देश*
चेकिंग के दौरान पुलिस ने सभी दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चाइनीज मांझा का क्रय-विक्रय और उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। अधिकारियों ने बताया कि इसके प्रयोग से आमजन, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों, बच्चों और पक्षियों को गंभीर चोट या जान का खतरा हो सकता है।
*कानूनी कार्रवाई की चेतावनी*
पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आज के अभियान में चाइनीज मांझा की बिक्री नहीं पाई गई, लेकिन भविष्य में ऐसा पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
*जनता से अपील*
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे खुद चाइनीज मांझा का उपयोग न करें और इसकी बिक्री या भंडारण की सूचना तत्काल नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। यह अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा ताकि जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
आपको बता दें कि लखनऊ में चाइनीज मांझे से हुई दुर्घटना के बाद उप्र राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। चाइनीज मांझा, जिसमें तार के ऊपर रसायनयुक्त कोटिंग होती है, अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनता है और इस पर पहले से ही प्रतिबंध लगा हुआ है।
