शासनादेश में कार्मिको के स्थान पर स्पष्ट रूप से शिक्षणेत्तर कर्मचारी का उल्लेख किये जाने को लेकर ज्ञापन सौपा
कानपुर, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष तापस कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में ज्ञापन बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन विद्यालयों, मुख्यालय प्रयागराज, विकासखण्ड कार्यालय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारी (लिपिक / चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) को शिक्षक दिवस पर मुख्यमन्त्री द्वारा घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा हेतु निर्गत शासनादेश में कार्मिको के स्थान पर स्पष्ट रूप से शिक्षणेत्तर कर्मचारी का उल्लेख किये जाने के सम्बन्ध मे सौपा गया। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी एसोसिएशन शहाब सरताज ने बताया कि उर्पयुक्त विषयक के सम्बन्ध में संगठन आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता है कि उपर्युक्त विषयक के सम्बन्ध में शासन द्वारा निर्गत शासनादेश संख्या-68-5099/471-2025 अनुभाग-5 दिनांक 05 फरवरी 2026 बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षको/कार्मिको एवं उनके आश्रित परिवारो के सदस्यो को कैशलेस चिकित्सा सुविधा अनुमन्य कराये जाने हेतु दिशानिर्देश महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उ०प्र० लखनऊ को दिये गये है। उपरोक्त शासनादेश में प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों एवं बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयो में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, वार्डन, पूर्णकालिक /अंशकालिक शिक्षक / शिक्षिका एवं प्रधानमन्त्री पोषण योजना के रसोइयों एवं उक्त कार्मिको को उक्त सुविधा दिये जाने का उल्लेख किया गया है किन्तु किसी कारणवश उपरोक्त शासनादेश में बेसिक शिक्षा परिषद के नियन्त्रणाधीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों /लिपिकों का उल्लेख नहीं किया गया है। जिससे प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी/ लिपिको मे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है तथा उन्हें ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। आपसे माँग करता है कि उक्त शासनादेश में कार्मिको के स्थान पर शिक्षणेत्तर कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी / लिपिक) का उल्लेख भी स्पष्ट रूप से किया जाये जिससे प्रदेश के परिषदीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों / लिपिको में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो तथा मुख्यमन्त्री द्वारा घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ सभी को प्राप्त हो सके।
