
दिनांकः 06.02.2026
57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में राज्यपाल ने किया यूपी मेट्रो स्टॉल का किया अवलोकन
प्रदर्शनी में कानपुर मेट्रो के सोवेनियर आइटम्स और टॉय ट्रेन बने लोगों के आकर्षण का केंद्र
गरुड़ आकृति, यूपीएमआरसी लोगो एवं अन्य आकृतियां बनीं प्रदर्शनी की सेल्फी प्वाइंट
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने जन भवन (पूर्व में राजभवन) प्रांगण में आयोजित 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में सक्रिय सहभागिता की। आज, 06 फरवरी 2026 को मा. राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने यूपीएमआरसी के स्टॉल का अवलोकन किया और विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी ली।
इस वर्ष प्रदर्शनी में कानपुर मेट्रो समेत यूपी मेट्रो के विभिन्न परियोजना के हरित प्रयासों तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए पहलों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। पुष्पों से निर्मित भगवान गरुड़ की आकृति, यूपीएमआरसी लोगो एवं अन्य पुष्प आकृतियां प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहीं और दर्शकों के लिए सेल्फी प्वाइंट बनी हुई हैं। गरुड़ आकृति की सुंदरता एवं रचनात्मक प्रस्तुति की राज्यपाल ने सराहना की। यूपीएमआरसी को इस वर्ष भी पुष्प सज्जा एवं हॉर्टीकल्चर डिज़ाइन के लिए विभिन्न पुरस्कारों हेतु नामांकित किया गया है।
कानपुर मेट्रो टॉय ट्रेन आकर्षण का केंद्र
यूपीएमआरसी का स्टॉल कानपुर मेट्रो परियोजना की विशेषताओं के साथ-साथ जल्द विस्तारित किए जाने वाले कॉरिडोर-1 बैलेंस सेक्शन (कानपुर सेंट्रल – नौबस्ता) की जानकारी दे रहा है। विदित हो कि हाल ही में 4 फरवरी को उक्त सेक्शन के ‘अप-लाइन‘ पर मेट्रो ट्रेन के टेस्ट रन की शुरूआत की गई है। स्टॉल में उपलब्ध सोवेनियर आइटम्स, कानपुर मेट्रो टॉय ट्रेन एवं अन्य सामग्री लोगों को अत्यधिक पसंद आ रहे हैं।
स्टॉल में दर्शाए गए कानपुर मेट्रो परियोजना से जुड़े हरित प्रयास
यूपीएमआरसी ने कानपुर मेट्रो डिपो में 1 मेगावाट क्षमता का सोलर रूफ टॉप प्लांट स्थापित किया है। इनसे प्रतिवर्ष लगभग 10.80 लाख यूनिट बिजली की बचत हो रही है।
कानपुर मेट्रो के एलिवेटेड स्टेशनों के छत पर ट्रांसलूसेंट शीट लगाए गए हैं, जिससे दिन के समय सूर्य की रोशनी आती है और बिजली की बचत होती है।
ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए कानपुर मेट्रो ट्रेनों एवं लिफ्टों में रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग का उपयोग; सभी लिफ्ट, एस्केलेटर, एएचयू एवं चिलर्स में वेरियेबल वोल्टेज वेरिएबल फ्रीक्वेंसी ड्राइव का प्रयोग; कार्बन डाईऑक्साइड सेंसर आधारित नियंत्रण के साथ ऊर्जा दक्ष एचव्हीएसी प्रणाली; परियोजना चरण से ही स्टेशनों पर एलईडी लाइट्स की व्यवस्था जैसे प्रमुख नवाचार और अभ्यास अपनाए गए हैं।
कानपुर मेट्रो को ऊर्जा संरक्षण की दिशा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विगत वर्ष 2025 में मा. राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट से भी सम्मानित किया गया।
कानपुर मेट्रो के पर्यावरण के प्रति प्रयासों को देखते हुए इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) ने कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-1 के 9 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों और 7 अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों को प्लेटिनम रेटिंग से प्रमाणित किया है।
यूपीएमआरसी ने कानपुर मेट्रो परियोजना के अंतर्गत लगभग 35,000 वर्ग मीटर वर्ग मीटर हरित क्षेत्रफल विकसित किया है।
कानपुर मेट्रो के डिपो में जीरो डिस्चार्ज सिस्टम लागू किया गया है। अपशिष्ट जल को शोधन के बाद पुनः उपयोग में लाया जाता है।
प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने पुष्प प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए उद्यानिकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह स्टॉल यूपी मेट्रो की प्रगति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
