कानपुर समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के लोगों द्वारा निर्वाचन कर्मचारियों (बीएलओ) पर दबाव डालकर बड़ी मात्रा में फॉर्म-7 भरवाकर मतदाता सूची से नाम कटवाए जा रहे हैं।

 

सपा ने दावा किया कि इन हटाए गए मतदाताओं में अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने (एस.आई.आर.) की प्रक्रिया के दौरान भी विशेष रूप से महिलाओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी का कहना है कि मतदाता बनने के लिए 18 वर्ष की आयु पूरी करना और साक्षी द्वारा घोषणा-पत्र में बूथ नंबर, पोलिंग स्टेशन तथा विधानसभा का नाम लिखना ही पर्याप्त मानक है।

 

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे सपा के पूर्व सांसद राजा रामपाल ने कहा, समाजवादी पार्टी की यह मांग है कि निर्वाचन कार्य में लगे सभी बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि वे किसी भी दबाव में आकर किसी वैध मतदाता का नाम सूची से न काटें। मतदाता सूची में मनमाने ढंग से की जा रही यह कटौती लोकतंत्र पर हमला है।

 

सपा ने डीएम से हस्तक्षेप करके शिकायतों की तत्काल जांच कराने और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की है।

राजा रामपाल, पूर्व सांसद, समाजवादी पार्टी

हमारी मांग है कि सभी बीएलओ को निर्देश मिले कि वे किसी दबाव में वोट न काटें। अल्पसंख्यकों के नाम विशेष रूप से काटे जा रहे हैं, यह चिंताजनक है।

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