याद किए गए मानस संगम संस्थापक पं. बद्रीनारायण तिवारी
साहित्यसेवी बद्रीनारायण जी की पुण्यतिथि पर आयोजित हुई विचारगोष्ठी
हर हिन्दू ऋषियों की संतान है : नरेंद्र भदौरिया
मानस संगम संस्थापक पं. बद्रीनारायण तिवारी जी की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर आध्यात्मिकता एवं जेनज़ी विषय पर विचार गोष्ठी रखी गई, तथा मानस सांगम वार्षिक यात्रा पतृक का लोकार्पण किया गया |
इस अवसर पर प्रमुख अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक नरेंद्र भदौरिया ने कहा कि आदरणीय बद्री नारायण जी अनघ निष्पाप व्यक्ति थे, उनका रक्त चेतना से पूर्ण था जो आज भी संप्रेषित हो रहा है,अगली दस पीढ़ियों तक उनका कृतित्व याद रखा जाएगा | 57 साल कि यात्रा में मानस संगम ने अविस्मरणीय कार्य किया, हमारे धर्म कि व्याख्या अलग है हम सबको जोड़ कर चलते हैं कोई भी धर्म ऐसा नहीं कहता कि सब धर्म समान है| चिड़िया को भी दाना देना धर्म है और चींटी को भी मार देना पाप है| धर्म का ये आचरण दुर्लभ है| हमारे देश का तोता भी राम-राम बोल लेता है, गाय भी मंदिर के पास आती है, कोई ऐसा हनुमान मंदिर नहीं जहाँ बन्दरों का आना ना होता हो। जब जीवों में मनुष्य की चेतना को पैसा दे कर लुभाया नहीं जा सकता।
उत्कर्ष अकादमी के निदेशक डॉ. प्रदीप दीक्षित ने श्री बद्री नारायण जी को याद करते हुए कहा कि मेरी पहचान शिवाला की वजह से ही बनी, आज जेनज़ी भले ही सेल्फी लेने और रील बनाने के उद्देश्य से धार्मिक स्थलों की भीड़ बढ़ा रहा मगर आध्यात्मिकता की ओर ये उनका पहला और सुनहरा कदम है|
तो वहीं मुख्य वक्ताओं में कानपुर पंचायत संयोजक धर्म प्रकाश गुप्ता ने कहा हम जेनज़ी को पश्चिमवादी कह कर सिर्फ उनके अपने बीच की दूरी बढ़ा रहे हैं| जबकि मेरी नज़र में आध्यम का असली मतलब संयम से है, आत्मसंयम ही आध्यात्म का मूल है|
अर्मापुर महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य डॉ. गायित्री सिंह ने कहा कि बद्री नारायण जी राम, रामचरित मानस और हिंदी के लिए जीना चाहते थे| मैं उनसे प्रभावित थी उन्होंने एक बार मुझे आदेशित किया था कि 50-60 बच्चों से हिंदी भाषा के लिए राष्ट्रपति के नाम पोस्ट कार्ड लिखवा कर भेज दो| उन्होंने कहा आध्यात्मिकता का एक अर्थ है स्वयं का अर्थ जानना भी, हमें लगा था कि मौजूदा पीढ़ी सिर्फ भौतिक विकास को ही भाव नहीं देती मगर मौजूदा पीढ़ी भले ही बड़ी कम्पनीयों की ऊँची ईमारतों में नौकरी करता है मगर वो ध्यान योग भी करता है| मौजूदा पीढ़ी सद्गुरु, श्री श्री रवि शंकर, आचार्य प्रशांत जैसे गुरुओं से सीख रही है|
कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन संस्था अध्यक्ष विजय नारायण तिवारी ‘मुकुल’ एवं मंदिर प्रबंधक अभिनव नारायण तिवारी ने किया
कार्यक्रम में विशेष रूप से डी.ए.वी. कॉलेज के प्रधानाचार्य पं अरुण दीक्षित, मेडिकल कॉलेज के डॉ विकास मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार बृजेश मिश्रा, जॉइंट कमिश्नर इंकम टैक्स भरत अवस्थी, प्रभाकर श्रीवास्तव, क्रांति काटियार, नीना गुप्ता, रंजीत सिंह, मुकेश सिंह लता कादंबरी, महेश मिश्रा, गगन सेठी, सौरभ ओमर, दादा शंकर दत्त मिश्र, डॉ. राम तिवारी, एड अंबरीश मिश्र, स. दलजीत सिंह, श्याम अरोड़ा, सरिता दुवेदी आदि मौजूद रहे|
