पॉलीटेक्निक के छात्रों के लिए खुलेंगे 45 नए एक्सीलेंस सेंटर
– टाटा कंपनी के साथ हो चुका है एमओयू, कुल 121 सेंटर्स खुलने हैं
– बजट में 72 प्रतिशत की बढ़ोतरी, छात्रों को मिलेगा सीधा जॉब का फायदा
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कानपुर, 12 फरवरी।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार अब पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए बड़ा कदम उठा रही है। मकसद साफ है—बच्चों को सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि नौकरी लायक स्किल भी देना। इसी प्लान के तहत पॉलीटेक्निक के छात्रों के लिए इस साल 45 नए टाटा एक्सीलेंस सेंटर खोले जाएंगे। अब हर जिले में अच्छी स्किल ट्रेनिंग मिलेगी।
फिलहाल, पहले से 45 टाटा एक्सीलेंस सेंटर चल रहे हैं, और कुल मिलाकर 121 सेंटर खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
ये सेंटर क्या करेंगे?
इन सेंटर्स में पढ़ाई का तरीका अलग होगा। यहां बच्चों को सिर्फ क्लास में बैठाकर पढ़ाया नहीं जाएगा, बल्कि स्किल डेवलपमेंट के तहत सीधे काम सिखाया जाएगा। छात्रों को मशीनों और उपकरणों पर काम करना सिखाया जाएगा, ताकि उन्हें इंडस्ट्री में जाकर दिक्कत न हो।
ये सेंटर्स क्यों खास हैं?
• छात्रों को किताब से ज्यादा हाथों-हाथ काम सिखाया जाएगा – असली मशीनों पर प्रैक्टिस
• आज की सबसे ज्यादा डिमांड वाली स्किल्स – जैसे AI, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, फैक्ट्री टेक्नोलॉजी
• पढ़ाई पूरी होते ही कंपनी में काम शुरू करने लायक बनेंगे, अलग से ट्रेनिंग की जरूरत नहीं
नौकरी के लिए लायक बनें छात्र
सरकार का प्लान है कि पॉलिटेक्निक पढ़ाई पूरी होते ही छात्र सीधे नौकरी करने लायक बन जाएं, उन्हें बाहर अलग से ट्रेनिंग के लिए न भटकना पड़े। इसके लिए स्मार्ट क्लासेस चल रही हैं, इस साल इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी।
कानपुर जैसे शहरों को बड़ा फायदा
कानपुर जैसे शहर में पहले से फैक्ट्रियां और इंडस्ट्री ज्यादा हैं। ऐसे में अगर स्थानीय युवाओं को सही स्किल मिल गई, तो उन्हें बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और लोकल लेवल पर जॉब के मौके बढ़ेंगे।
स्मार्ट क्लासेज और नई लैब भी होंगी
इन एक्सीलेंस सेंटर्स में पढ़ाई सिर्फ पुराने तरीके से नहीं होगी। यहां स्मार्ट क्लासरूम, नई लैब और डिजिटल ट्रेनिंग पर भी खास ध्यान रहेगा।
वर्जन
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“ये सेंटर्स छात्रों को नई स्किल्स देंगे, उद्योग की जरूरत के मुताबिक तैयार करेंगे और रोजगार के रास्ते खोलेंगे।”
– अजीज अहमद, निदेशक, प्राविधिक शिक्षा निदेशालय, कानपुर
