#कानपुर नगर

*जमीन विवाद में वकील की हत्या, बेटे ने भूमाफियाओं और एनआरआई सिटी पर लगाए गंभीर आरोप*

कानपुर, 14 फरवरी 2026: शहर के नवाबगंज इलाके में दिसंबर 2021 में हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजाराम वर्मा के हत्याकांड ने एक नया मोड़ ले लिया है। मृतक के पुत्र नरेंद्र देव ने आज एक प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि उनके पिता की हत्या एक संगठित भूमाफिया गिरोह और एनआरआई सिटी के अधिकारियों की साजिश के तहत की गई। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने अपनी मृत्यु से दो वर्ष पूर्व ही 2019 में एंटी भूमाफिया सेल और पुलिस को ई-मेल भेजकर जमीन विवाद में हत्या की आशंका जता दी थी।

नरेंद्र देव ने पत्रकारों को विस्तार से बताया कि किस तरह वर्ष 2005-06 से उनके पिता की कृषि भूमि को हड़पने की साजिश शुरू की गई। आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में फर्जी प्रविष्टियां करके और षड्यंत्रकारियों को सहखातेदार बनाकर जमीन को विवादित किया गया। इसके बाद 2009 में एनआरआई सिटी की विभिन्न कंपनियों के नाम कई फर्जी बैनामे दर्ज करा दिए गए।

उन्होंने बताया कि तमाम कानूनी लड़ाइयों के बावजूद, जब उनके पिता राजाराम वर्मा राजस्व न्यायालय से अपना पक्ष मजबूत कर रहे थे और वर्ष 2021 में फैसला आने वाला था, तभी 22 दिसंबर 2021 को अज्ञात हमलावरों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।

नरेंद्र देव ने आरोप लगाया है कि हत्या के बाद भी जमीन हड़पने की साजिश जारी रही। उनके अनुसार, मृतक की छोटी बहू रेखा वर्मा को राकेश कुमार तिवारी (कानपुर बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव) और एनआरआई सिटी से जुड़े लोगों ने अपने साथ मिलाकर कई फर्जी विक्रय अनुबंध कराए। हाल ही में 6 और 7 नवंबर 2025 को भी रेखा वर्मा द्वारा कई अधिवक्ताओं और अन्य लोगों के नाम जमीन के नए बैनामे किए गए, जिनमें हत्या के आरोपी गवाह के तौर पर शामिल रहे।

नरेंद्र देव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हत्या की जांच शुरू में सही ढंग से नहीं की गई और मुख्य आरोपियों को बचाने के लिए केवल कुछ लोगों को नामजद किया गया। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से दी गई अग्रिम विवेचना की मांग पर कार्रवाई नहीं हुई और जांच कर रहे अधिकारी का तबादला कर दिया गया।

पीड़ित पुत्र ने प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए यह भी कहा कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आयुक्त से कई बार सुरक्षा की गुहार लगाने के बावजूद कोई सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि हत्या के असली षड्यंत्रकारियों, भूमाफियाओं और एनआरआई सिटी के निदेशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

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