*डीएम ने किया पीएचसी उत्तरीपुरा का औचक निरीक्षण, मेडिकल ऑफिसर सहित चार स्वास्थ्यकर्मी मिले अनुपस्थित*

 

कानपुर नगर।

 

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज अपराह्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उत्तरीपुरा का औचक निरीक्षण किया तो व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही सामने आई। सात कर्मचारियों में से केवल तीन ही ड्यूटी पर उपस्थित मिले।

 

अनुपस्थित पाए जाने पर डॉ. प्रीति सचान (मेडिकल ऑफिसर), रामानुज (वार्ड बॉय) और कु. ज्योति (स्टाफ नर्स) का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। वहीं चीफ फार्मासिस्ट अशोक श्रीवास्तव का अवकाश आवेदन पत्र उपलब्ध तो था, लेकिन उसे न तो विधिवत दर्ज किया गया था और न ही स्वीकृत किया गया था। इसे अनियमितता मानते हुए उनका भी एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।

 

निरीक्षण के दौरान ओपीडी रजिस्टर शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। नियमानुसार मरीज के नाम के साथ मोबाइल नंबर दर्ज किया जाना अनिवार्य है, लेकिन यह प्रविष्टियां नहीं की जा रही थीं। मौके पर उपस्थित आयुष चिकित्सक डॉ. सरिता कटियार निर्धारित रजिस्टर के स्थान पर अन्य रजिस्टर का उपयोग कर रही थीं, जिसमें मरीजों के मोबाइल नंबर अंकित नहीं थे। इस पर उनका स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए गए।

 

स्वास्थ्य केंद्र में बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली संचालित नहीं पाई गई और परिसर व कक्षों में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब मिली। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए फटकार लगाई तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

पीएचसी के पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सवालों में रही। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिल्हौर के एमओआईसी तथा प्रभारी एसीएमओ द्वारा नियमित निगरानी न किए जाने पर दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए तथा एमओआईसी स्तर पर जवाबदेही तय कर व्यवस्थाओं में सुधार कराया जाए।

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