कानपुर; दिनांक– 17.02.2026
कानपुर मेट्रोः बारादेवी से नौबस्ता तक 5 एलिवेटेड स्टेशनों पर सभी 20 लिफ्ट इंस्टॉल, आज लोड टेस्टिंग की प्रक्रिया हुई पूरी
प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने किया निर्माणाधीन स्टेशनों का निरीक्षण
कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर–1 (आईआईटी–नौबस्ता) के अंतर्गत तीसरे चरण में मेट्रो सेवा को कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक विस्तारित करने की दिशा में तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इसी क्रम में बारादेवी से नौबस्ता तक के पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों—बारादेवी, किदवई नगर, बसंत विहार, बौद्ध नगर एवं नौबस्ता—पर कुल 20 लिफ्ट इंस्टॉल करने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इन लिफ्टों को इंस्टॉल करने के साथ ही आज उनकी लोड टेस्टिंग की प्रक्रिया भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। उल्लेखनीय है कि स्टेशनों पर लगाए गए सभी लिफ्ट का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत भारत में ही किया गया है।
उक्त सभी एलिवेटेड स्टेशनों पर प्रवेश द्वार से कॉनकोर्स तथा कॉनकोर्स से प्लेटफॉर्म तक आवागमन के लिए प्रत्येक स्टेशन पर चार-चार लिफ्ट लगाए गए हैं। पिछले कुछ महीनों से इन स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर के इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया चल रही थी। इसके साथ ही इन स्टेशनों पर प्रस्तावित 20 लिफ्ट और 15 एस्केलेटर के इंस्टॉलेशन का कार्य अब पूर्ण हो चुका है।
कॉरिडोर–1 के बैलेंस सेक्शन (कानपुर सेंट्रल–नौबस्ता) के अंतर्गत आने वाले दो अंडरग्राउंड स्टेशन—झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर—में भी सिस्टम इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से प्रगति पर है। इन दोनों स्टेशनों पर कुल 8 में से 7 एस्केलेटर तथा *6 में से 4 लिफ्ट* इंस्टॉल किए जा चुके हैं।
रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का हुआ है प्रयोग
गौरतलब है कि कानपुर मेट्रो परियोजना में लगाए जा रहे सभी लिफ्ट ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के अंतर्गत चेन्नई में निर्मित हैं। मेट्रो में इंस्टॉल किए जा रहे लिफ्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये पर्यावरण हितैषी हैं। इनमें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का प्रयोग किया गया है, जिसके तहत, लिफ्ट नीचे उतरते समय अथवा कम भार की स्थिति में मोटर द्वारा उत्पन्न अतिरिक्त ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर उसे वापस पावर ग्रिड में भेज देती है। इससे ऊर्जा की बचत होती है और बिजली खपत में कमी आती है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिफ्ट में सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी प्रावधान है।
प्रबंध निदेशक ने निर्माण कार्यों की प्रगति का लिया जायजा
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने निदेशक/रोलिंग स्टॉक एंड सिस्टम श्री नवीन कुमार, निदेशक/वर्क्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर श्री सी. पी. सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज कॉरिडोर–1 एवं कॉरिडोर–2 के निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशनों का निरीक्षण किया और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा, “कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक यात्री सेवाओं के विस्तार के लिए कानपुर मेट्रो की पूरी टीम पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। समयबद्ध लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सिविल निर्माण के साथ-साथ सिस्टम इंस्टॉलेशन कार्य समानांतर रूप से किए जा रहे हैं। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत देश में निर्मित लिफ्ट और एस्केलेटर यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और ऊर्जा दक्ष सुविधाएं प्रदान करेंगे।
