कानपुर पॉलिटेक्निक में अब ‘स्मार्ट’ होगी पढ़ाई

 

– 10 स्मार्ट क्लासरूम हो रहे तैयार, तीन का काम लगभग पूरा

– 3D एनीमेशन और वर्चुअल लैब से सुलझेंगे तकनीकी विषयों के जटिल फॉर्मूले, हर ब्रांच के छात्रों को मिलेगा लाभ

– प्रधानाचार्य मुकेश चंद्र आनंद ने कहा- इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप तैयार होंगे स्टूडेंट्स

 

कानपुर, 18 फरवरी।

योगी सरकार का डिजिटल इंडिया मिशन अब प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में जमीन पर उतरने लगा है। इसी कड़ी में राजकीय पॉलिटेक्निक, कानपुर को पूरी तरह हाईटेक बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए यहाँ 10 स्मार्ट क्लासरूम का तैयार किए जा रहे हैं, जिससे न केवल पढ़ाई का तरीका बदलेगा बल्कि प्रदेश के युवा सीधे वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकेंगे।

 

जरूरी डिजिटल बोर्ड, हाई-डेफिनिशन प्रोजेक्टर, इंटरेक्टिव स्क्रीन और हाई-स्पीड इंटरनेट उपकरणों की पूरी खेप कॉलेज परिसर में पहुंच चुकी है। तीन स्मार्ट क्लासरूम लगभग तैयार हो चुके हैं, जिनमें टेस्टिंग का काम सफल रहा है। बाकी सात क्लासरूम का काम भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

 

हर ब्रांच के छात्रों को मिलेगा का लाभ

यह नई व्यवस्था किसी एक विभाग तक सीमित नहीं रहेगी। मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर साइंस जैसी सभी कोर ब्रांच के छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। स्मार्ट क्लास से छात्रों में रटने की प्रवृत्ति खत्म होगी और उनका प्रैक्टिकल ज्ञान बढ़ेगा, जो सीधे तौर पर उनके प्लेसमेंट और स्किल डेवलपमेंट में मददगार साबित होगा।

 

इन पर रहेगा ज़्यादा फोकस

1. मैकेनिकल और सिविल: जटिल इंजनों की कार्यप्रणाली और बड़े ब्रिजों के स्ट्रक्चरल डिजाइन को अब 3D एनीमेशन के जरिए क्लास में ही ‘लाइव’ देखा जा सकेगा।

2. इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स: कठिन सर्किट डायग्राम और चिप लेवल की कोडिंग को शिक्षक बड़ी स्क्रीन पर वीडियो ट्यूटोरियल के माध्यम से समझा पाएंगे।

3. वर्चुअल सिमुलेशन: कई बार महंगी मशीनों पर प्रैक्टिकल करना जोखिम भरा होता है, जिसे अब स्मार्ट बोर्ड पर सिमुलेशन के जरिए सुरक्षित रूप से सीखा जा सकेगा।

 

वर्जन—-

 

“हम तकनीकी शिक्षा को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ला रहे हैं। हमारे पास सभी जरूरी उपकरण और LED स्क्रीन आ चुकी हैं। इंस्टालेशन का काम बहुत तेजी से चल रहा है। हमारा लक्ष्य है कि कानपुर पॉलिटेक्निक से निकलने वाला हर छात्र सीधे इंडस्ट्री की आधुनिक मशीनों पर काम करने के लिए पूरी तरह सक्षम हो।”

– मुकेश चंद्र आनंद, प्रधानाचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक कानपुर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *