बिठूर में सजेगी सुरों की महफिल, गंगा किनारे दिखेगा देश की लोक कलाओं का संगम
– 26 से 28 फरवरी तक होगा ‘बिठूर महोत्सव’, 11 दिग्गज कवि जमाएंगे महफिल
– बॉलीवुड के रॉक बैंड से लेकर बुंदेलखंड के लोक नृत्य तक…सब होगा एक मंच पर
कानपुर, 18 फरवरी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘दिव्य और भव्य’ उत्तर प्रदेश के विजन को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक नगरी बिठूर एक बार फिर सज-धज कर तैयार है। आगामी 26 से 28 फरवरी तक आयोजित होने वाला ‘बिठूर महोत्सव’ इस बार न केवल कला और संस्कृति का केंद्र बनेगा, बल्कि योगी सरकार के ‘विरासत भी, विकास भी’ के संकल्प को भी दोहराएगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में देश के नामचीन कलाकारों के साथ-साथ लोक संस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिलेगी।
ऐतिहासिक धरोहरों को मिल रही नई पहचान
बिठूर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक मंच पर लाने के लिए इस महोत्सव को बेहद खास बनाया गया है। आयोजन की शुरुआत 26 फरवरी को स्कूली छात्र-छात्राओं की रंगोली, कला और स्लोगन प्रतियोगिताओं से होगी। शाम को मुख्यमंत्री के डिजिटल इंडिया मिशन की झलक के साथ ‘बिठूर थीम गीत’ का लोकार्पण होगा। इसके बाद भोपाल कत्थक समिति शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति देकर भारतीय परंपरा को जीवंत करेगी।
साहित्यिक संगम और पौराणिक गाथा का मंचन
27 फरवरी की शाम साहित्य और राष्ट्रवाद के नाम रहेगी। देश के 11 प्रतिष्ठित कवि काव्य मंच सजाएंगे। इसी दिन श्री राम कला केंद्र द्वारा ‘दानवीर कर्ण’ पर आधारित एक भव्य नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी, जो हमारी पौराणिक जड़ों से नई पीढ़ी को जोड़ने का काम करेगी। स्थानीय युवाओं के लिए ‘कानपुर गॉट टैलेंट’ जैसा मंच देकर सरकार उनकी प्रतिभा को निखारने का अवसर भी दे रही है।
लोक कलाओं का महाकुंभ और गंगा आरती
महोत्सव का समापन 28 फरवरी को होगा, जहाँ पूरे भारत की लोक संस्कृति एक ही मंच पर नजर आएगी। शाम को गंगा के पावन पत्थर घाट पर भव्य ‘गंगा आरती’ के साथ आध्यात्मिक शांति का संदेश दिया जाएगा। अंत में सुप्रसिद्ध गायक गोपाल एम. तिवारी के म्यूजिक कंसर्ट के साथ महोत्सव का समापन होगा।
