कानपुर नगर में फर्जी पते पर GST रजिस्ट्रेशन कर टैक्स चोरी के दो मामले उजागर
करोड़ों के लेन-देन से सरकारी राजस्व को 3.54 करोड़ का नुकसान
कानपुर नगर। फर्जी पते पर बोगस कंपनी के नाम से जीएसटी (GST) रजिस्ट्रेशन कराकर करोड़ों रुपये का लेन-देन कर टैक्स चोरी करने के दो मामले सामने आए हैं। राज्य कर विभाग ने दोनों कारोबारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता एवं जीएसटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। यह कार्रवाई सेंट्रल जोन के अंतर्गत नजीराबाद और रायपुरवा थाना क्षेत्रों में की गई है।
नजीराबाद में 16.44 करोड़ की फर्जी बिक्री
नजीराबाद थाने में राज्य कर अधिकारी पंकज रावत की तहरीर पर मेसर्स पीके ट्रेडर्स के स्वामी पुष्पेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि आरोपी ने 27 मई 2025 को दर्शनपुरवा में स्थित एक फर्जी पते पर जीएसटी पंजीकरण कराया। 20 नवंबर 2025 को विभागीय जांच में यह पता चला कि कंपनी का दिया गया पता पूरी तरह से फर्जी है तथा वहां पर ऐसी कोई कंपनी मौजूद नहीं है।
जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस फर्म ने 20 नवंबर तक 16.44 करोड़ रुपये की बिक्री दिखाई, जिससे सरकार को 3.54 करोड़ रुपये के राजस्व की भारी क्षति हुई है। नजीराबाद थाना प्रभारी राजकेसर यादव ने बताया कि आरोपी पुष्पेंद्र सिंह निवासी गुरैथा, मुरादाबाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
*रायपुरवा में पंजाब के कारोबारी पर केस*
वहीं, रायपुरवा थाने में सहायक आयुक्त डॉ. सुनील कुमार की तहरीर पर मेसर्स श्री बालाजी इंटरप्राइजेज के स्वामी जयपाल सिंह निवासी रूप नगर, पंजाब के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि उसने भी कानपुर में एक फर्जी पते पर जीएसटी पंजीकरण कराया था। जांच के दौरान जब विभागीय टीम पते पर पहुंची तो कंपनी का कोई अस्तित्व नहीं मिला।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस फर्जी फर्म ने 13.67 करोड़ रुपये की बिक्री दिखाकर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की है। रायपुरवा थाना प्रभारी विजय कुमार सरोज ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है।
*विभाग ने दर्ज कराए दो अभियोग*
जीएसटी विभाग के सक्षम अधिकारियों द्वारा की गई विस्तृत जांच के उपरांत थाना नजीराबाद एवं रायपुरवा में दो अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रकरण की विस्तृत विवेचना की जा रही है तथा संबंधित साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, *”साक्ष्य संकलन के बाद जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे, उनके आधार पर जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध विधि के अनुसार सुसंगत धाराओं में कार्यवाही की जाएगी।”*
