शिवराजपुर में फोटोग्राफर पर जानलेवा हमला, लूट के बाद फरार आरोपी — चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
बिल्हौर,शिवराजपुर।थाना शिवराजपुर क्षेत्र में एक फोटोग्राफर के साथ की गई बेहरमी से मारपीट और लूट की वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पीड़ित को मौत के घाट उतारने की नीयत से हमला किया गया, लेकिन चार दिन बीत जाने के बावजूद नामज़द आरोपियों की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम काकूपुर निहाल निवासी अभिनव शुक्ला, जो पेशे से फोटोग्राफर हैं, बीते शुक्रवार की रात बीरामऊ गांव में एक शादी समारोह की फोटोग्राफी कर वापस लौट रहे थे। रात करीब 9:30 बजे, जैसे ही वह छतरपुर बंबा अंडरपास के पास पहुँचे, पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन्हें घेर लिया।आरोप है कि अनुज यादव निवासी तुलापुरवा और उत्कर्ष दुबे निवासी बर्राजपुर, अपने दो अज्ञात साथियों के साथ, तमंचा, हॉकी और धारदार हथियारों से लैस होकर आए और लूट के इरादे से अभिनव शुक्ला पर जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने पीड़ित से दो महंगे वीडियो कैमरे, एक स्टिल कैमरा, मोबाइल फोन और करीब 20 हजार रुपये नकद लूट लिए।घटना के दौरान पीछे से मोटरसाइकिल से पहुंचे पीड़ित के चाचा योगेंद्र कुमार शुक्ला ने मोटरसाइकिल की रोशनी में दो आरोपियों को पहचान लिया। खुद को घिरता देख आरोपी गाली-गलौज करते हुए यह कहते हुए फरार हो गए कि “साला बच गया”।पीड़ित को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि बदमाश उसे मरा समझ कर छोड़कर भाग निकले। राहगीरों की मदद से उसे थाने लाया गया, जहां से गंभीर हालत में सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल पीड़ित की हालत नाजुक बताई जा रही है।इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का दावा किया है, जिनमें दो नामज़द और दो अज्ञात शामिल हैं। हालांकि, चार दिन बीत जाने के बाद भी किसी की गिरफ्तारी न होना परिजनों में नाराज़गी और असंतोष को जन्म दे रहा है।पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब नामज़द आरोपी सामने हैं, तो पुलिस की यह सुस्ती समझ से परे है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर ऐसी संगीन वारदातों में भी कार्रवाई में देरी होगी, तो अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे और आम जनता का कानून-व्यवस्था से भरोसा उठता जाएगा। मामले में प्रशासनिक पक्ष जानने के लिए कई बार थाना प्रभारी को फोन किया पर उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
