मैय्यत के तरके से इसाल-ए-सवाब जायज़, मगर वारिसीन गैर मौजूद और नाबालिग न हों।
कानपुर, ऑल इंडिया ग़रीब नवाज़ कौंसिल के तत्वावधान में माह-ए-सियाम हेल्प लाइन में पूछे गए सवालात के शरई जवाब सवाल: सहरी के वक्त में मुर्ग़ की बाँग का एतबार करना चाहिए या नहीं?
जवाब: सहरी के वक्त में मुर्ग़ की बाँग का एतबार नहीं।सवाल: मैय्यत का तीजा,चालीसवाँ मैय्यत के तरके से करना कैसा है?जवाब: तीजा,चालीसवाँ इसाल-ए-सवाब की एक सूरत है। मैय्यत के तरके से इसाल-ए-सवाब करना जायज़ है,मगर इसमें यह लिहाज़ ज़रूरी है कि वारिसीन में कोई नाबालिग न हो, क्योंकि यह हराम है।यूंही अगर कुछ वारिस मौजूद न हों, तब भी नाजायज़ है।
सवाल: दस साल के बच्चे ने रोज़ा रखकर तोड़ दिया, तो क्या बाद में उसको क़ज़ा करना होगा?
जवाब: दस साल के बच्चे पर रोज़ा फ़र्ज़ नहीं। लिहाज़ा अगर रखकर तोड़ दिया तो क़ज़ा का हुक्म न होगा। अलबत्ता दस साल का बच्चा जब ताक़त रखता हो तो रोज़ा रखवाया जाए।सवाल: नमाज़-ए-इशराक कब पढ़ना चाहिए?
जवाब: इशराक की नमाज़ भी सुन्नत है। फ़ज्र पढ़कर दरूद शरीफ़ वगैरह पढ़ता रहे। जब सूरज निकलने के कम से कम बीस मिनट गुज़र जाएँ, तो दो रकअत पढ़े।माहे सियाम हेल्पलाइन में मुफ़्तियान-ए-किराम व उलेमा के राब्ताजाती और व्हाट्सऐप नंबरात:
मुफ़्ती मोहम्मद इलियास ख़ाँ नूरी (मुफ़्ती आज़म कानपुर) – 9935366726
मौलाना मोहम्मद हाशिम अशरफ़ी – 9415064822
मुफ़्ती मोहम्मद मेहताब आलम मिस्बाही – 9044890301
मौलाना फ़तह मोहम्मद क़ादरी – 9918332871
मुफ़्ती महमूद हस्सान अख़्तर अलीमी – 9161779931
मौलाना क़ासिम अशरफ़ी मिस्बाही 8052277015
मौलाना ग़ुलाम हसन क़ादरी – 7897581967
मुफ़्ती गुल मोहम्मद जामई अशरफ़ी – 8127135701
मौलाना सुफ़ियान मिस्बाही – 9519904761
हाफ़िज़ मोहम्मद अरशद अशरफ़ी – 8896406786
जनाब इक़बाल अहमद नूरी – 8795819161
