जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय (डीएचएस) की बैठक आयोजित
कानपुर नगर।
सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि चिकित्सकों को गरीबों की सेवा का अवसर मिला है, इसे जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाया जाए।
अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलना चाहिए, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
होली पर्व को देखते हुए जिलाधिकारी ने समस्त नगरीय स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में चिकित्सकों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान यदि किसी भी केंद्र पर चिकित्सक या स्टाफ अनुपस्थित मिला तो संबंधित के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सभी चिकित्सा अधीक्षकों को भी पूर्ण स्टाफ उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की समीक्षा के दौरान विभागवार निष्क्रिय आईडी को तत्काल सक्रिय करने और प्रत्येक ऑपरेटर आईडी से प्रतिदिन कम से कम दो आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए। कार्ड निर्माण में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों की समीक्षा कर कार्रवाई के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए गए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत वित्तीय प्रबंधन पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन निदेशक द्वारा तैनात वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी के माध्यम से ही सभी वित्तीय पत्रावलियों का संचालन हो। किसी भी प्रकार का व्यय उनके परामर्श के बिना न किया जाए। ऐसा पाए जाने पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा में नगरीय इकाइयों में वैक्सीनेशन उपलब्धि बढ़ाने के निर्देश दिए गए। प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों की अलग से बैठक बुलाकर प्रगति की समीक्षा करने को कहा गया। जन आरोग्य समिति के खातों में उपलब्ध धनराशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
आभा आईडी की प्रगति पर जिलाधिकारी ने नगरीय इकाइयों में शत-प्रतिशत उपलब्धि का लक्ष्य तय किया। इससे कम प्रगति होने पर संबंधित नगरीय नोडल अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के अंतर्गत जेके कैंसर इंस्टीट्यूट और कार्डियोलॉजी विभाग में जन औषधि केंद्र खोले जाने के प्रस्ताव को बैठक में सर्वसम्मति से संस्तुति प्रदान की गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरि दत्त नेमी सहित समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि संबंधित एमओआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
