तीन फीट के रास्ते को लेकर हुए झगड़े में बुजुर्ग की हत्या, आठ दोषियों को 10-10 साल की सजा

 

कानपुर के नवाबगंज थानाक्षेत्र में साल 2016 में तीन फीट के रास्ते को लेकर हुए विवाद में एक बुजुर्ग की कुल्हाड़ी से हत्या करने के मामले में अदालत ने मां-बेटे सहित आठ लोगों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है।

 

एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे)-11 सुभाष सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। सभी दोषियों पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना जून 2016 की है, जब नवाबगंज के पहलवानपुरवा इलाके में 75 वर्षीय अयोध्या प्रसाद नामक बुजुर्ग की हत्या कर दी गई थी।

 

मृतक के बेटे विनोद कुमार ने बताया कि उनके पिता ने साल 2014 में शंकर लाल से कुछ जमीन खरीदी थी। रजिस्ट्री के दौरान बनाए गए नक्शे में तीन फीट की गली दर्शाई गई थी। 17 जून 2016 की रात को अयोध्या प्रसाद अपने प्लॉट में बोरिंग के बाद इसी तीन फीट की गली में पाइप लाइन बिछवा रहे थे, तभी पड़ोसी मुंशीलाल और उसके बेटों राजेंद्र व आनंद ने इसका विरोध किया।

 

इसी बात पर दोनों पक्षों में झगड़ा शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर मुंशीलाल की पत्नी रामश्री, उनके अन्य बेटे और रिश्तेदार लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर आए और अयोध्या प्रसाद व उनके परिजनों पर हमला कर दिया। आरोपी आनंद ने कुल्हाड़ी से अयोध्या प्रसाद के सीने और गर्दन पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तुरंत हैलट अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

इस मामले में मृतक के बेटे विनोद की तहरीर पर पुलिस ने रामश्री, उसके बेटे विनोद, विष्णु, कृष्णा, संजय, बेटी बीनू तथा दो भतीजे राजेंद्र निषाद और आनंद निषाद के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, घर में घुसकर मारपीट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

 

अदालत में चले मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। पीड़ित पक्ष के वकील करीम अहमद सिद्दीकी ने तर्क दिया कि आरोपियों ने धारदार हथियार (कुल्हाड़ी) से मृतक के शरीर के संवेदनशील हिस्सों (गर्दन और सीने) पर कई वार किए थे, जिससे उन्हें अंदाजा हो गया था कि इस हमले से मौत हो सकती है। इसलिए उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

 

कोर्ट ने सभी आठों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *