
श्रम कॉलोनी का मालिकाना हक को लेकर हुई बैठक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने,गोविंद नगर विधानसभा के विधायक सुरेंद्र मैथानी के नेतृत्व में,श्रम मंत्रालय उत्तर प्रदेश राज्य परामर्शदाता समिति के सभी सदस्य अधिकारियों एवं मोदीनगर से विधायक डॉ मंजू सिवाच जी के साथ,श्रमिक/लेबर कॉलोनी के, निवासियों को ही मालिकाना हक दिए जाने की मांग के संबंध में,महाराष्ट्र सरकार से वार्ता के लिए,उ प्र सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र आज भेजा।
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि मंडल में,विधायक सुरेंद्र मैथानी एवं उ प्र श्रम मंत्रालय के अधिकारियों के साथ, प्रतिनिधिमंडल के साथ, महाराष्ट्र सरकार के लेबर कमिश्नर एवं उनकी समस्त संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों की टीम के साथ,उनके कार्यालय में एक मैराथन बैठक करी।जो लगातार 04:30 घंटे तक चली। तत्पश्चात वहीं पर प्रोजेक्टर द्वारा, पूरे महाराष्ट्र के श्रमिक कॉलोनीयों पर एक विस्तृत रिपोर्ट देखी गई। बैठक में,महाराष्ट्र सरकार ने, कैसे श्रम कॉलोनी का मालिकाना हक दिया, कैसी परिस्थितियां थी, क्या शर्ते थी, किस तरह से मालिकाना हक दिया गया,कैसे समन्वय बनाया गया, इस पर पूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट को देखा। और संबंधित दस्तावेजों का संकलन किया। विधायक जी ने बताया कि उक्त बैठक के बाद, महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधि मंडल एवं उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल की संयुक्त टीम ने, मुंबई में दी गई,विभिन्न श्रमिक कॉलोनीयों के साथ ही, बॉम्बे डाइंग आदि 60 से अधिक बड़ी-बड़ी मिलों की,बन्द पड़ी मिल के श्रमिकों को दी गई कॉलोनीयों का भी,स्थलीय निरीक्षण किया।
विधायक जी ने बताया कि उल्लेखनीय है कि, पूर्व की प्राप्त जानकारी के अनुसार, तत्कालीन दिल्ली सरकार एवं महाराष्ट्र सरकार एवं उड़ीसा सरकार ने, श्रमिक कॉलोनीयों के वसींदों को, मकान का मालिकाना हक दिया था। इस संबंध में यह कमेटी निरीक्षण एवं अध्ययन हेतु, शासन के निर्देश पर निकली है। विधायक जी ने कहा कि चूँकि मैं,जीवन के 42 वर्ष,शास्त्री नगर, कानपुर की श्रमिक/लेबर कॉलोनी में रहकर, उत्तर प्रदेश के सदन में आया हूं। इस पर,जब मैं बीजेपी का अध्यक्ष था, तब से लगातार,पिछले लगभग 15 वर्षों से भी अधिक समय से, इसकी लड़ाई लड़ रहा हूं।और विधायक बनने के बाद तो,उत्तर प्रदेश विधानसभा में मैंने,कई बार आवाज उठाने उपरांत एवं याचिका भी लगाने उपरांत, मा.मंत्री गणों से लगातार मांग करने उपरांत, मा.मुख्यमंत्री योगी जी तक भी, उनकी आवाज जाकर भी,अपनी बात को, पूरी दमदारी के साथ पहुंचा चुका हूं।जिसके परिणाम स्वरुप योगी जी ने मुझे, इस कमेटी के मुख्य सदस्य के नाते से मनोनीत भी कर दिया।अब मेरा कर्तव्य है कि इसका लाभ,हमारे श्रमिक कॉलोनीयों के निवासियों को मुझे हर हाल में दिलाना है।यह एक बड़ा कार्य,मैं चाहता हूं कि, उक्त कार्य समयबद्ध पूर्ण हो। ईश्वर की कृपा से मुझे भरोसा है कि इसमें मुझे सफलता अवश्य ही,मिलेगी। मैं इन कॉलोनी के निवासियों का दर्द, और उसके समस्या का निराकरण भी,बेहतर तरीके से बता सकता हूं।जिसके अंतर्गत हमारे उत्तर प्रदेश की परिस्थितियों के अनुसार,उ प्र में आवंटित,श्रमिक कॉलोनीयों के वर्तमान निवासियों को ही, मालिकाना हक देने का सरकार का स्वरूप कैसा हो, जिससे सभी स्थानीय लोगों को, और उनकी पीढ़ियों को, जो वर्तमान में निवास कर रहे हैं, उनको उनके मकान का मालिक कैसे बना दिया जाए, इसके लिए यह कमेटी दो दिवसीय,अध्यनरत निरीक्षण पर है। जिसको समयबद्ध अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश शासन में सबमिट करनी है।यहां से वापसी उपरांत, होली पर्व के बाद,तत्पश्चात उत्तर प्रदेश शासन की उक्त परामर्श दात्री समिति की लखनऊ में बैठक होगी। जिसमें मैं इस बात पर विशेष बल दूंगा कि,उ प्र श्रमिक कॉलोनियों के वर्तमान निवासियों के हित में, एजेंडा बनाकर, बिंदुवार रिपोर्ट बनाकर ही, उत्तर प्रदेश सरकार को दी जाय। जो उत्तर प्रदेश के सरकार की कैबिनेट में जाकर, सरकार के निर्णय के लिए आधार बने। इसके लिए सभी संबंधित दस्तावेजों का संकलन एवं फोटो तथा कॉलोनीयो के वीडियो आदि का संकलन किया।
उक्त समिति के इस निरीक्षण कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विधायक सुरेंद्र मैथानी जी एवं विधायक मोदीनगर डॉ मंजू शिवाच जी एवं उ प्र एडिशनल लेबर कमिश्नर शमीम अख्तर जी एवं डिप्टी लेबर कमिश्नर पंकज राणा जी एवं डिप्टी लेबर कमिश्नर राजेश मिश्रा जी एवं महाराष्ट्र सरकार के कमिश्नर श्रम-श्री हनमानलू तुममोड जी एवं शिरीन लोखंड-जॉइंट कमिश्नर एवं नीलाबानी भोसाक- डिप्टी कमिश्नर एवं सुनीता माहिरकर-डिप्टी कमिश्नर तथा मुंबई महाराष्ट्र डेवलपमेंट अथॉरिटी (MADA)के स्वप्निल गायकवाड, जयदीप पाटील, प्राजंलि सुभाष लांडगे एवं मुंबई महाराष्ट्र बीएमसी के विनीत तायडे, दीपक धाडे एवं मुंबई मिल डिपार्टमेंट के विजूडा खरहाले एवं मुंबई शान बोर्ड के AO सुशील एस भाट आदि 22 अधिकारी गण उपस्थित थे।
