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“लव स्टोरी से पहले ही ब्रेकअप! फिल्म के नाम ने बिल्हौर में मचा दिया बवाल”
लोकभारती ब्यूरो
बिल्हौर में शुक्रवार का दिन कुछ ज़्यादा ही फिल्मी हो गया—और वो भी बिना कैमरा ऑन हुए। एक प्रस्तावित फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” का नाम सामने आते ही ऐसा सीन बना कि माहौल रोमांस से ज़्यादा रिमांड जैसा हो गया।अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अचानक एक्टिव मोड में आ गए। जिलाध्यक्ष शौर्य यादव के नेतृत्व में पूरा काफिला उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप दिया। संदेश साफ था—“नाम बदलिए, वरना कहानी यहीं खत्म समझिए।”महासभा का आरोप है कि फिल्म का शीर्षक जानबूझकर यादव समाज की छवि को नुकसान पहुंचाने के इरादे से रखा गया है। जो जानकारियां कथानक और दृश्यों को लेकर सामने आ रही हैं, वे अलग-अलग जातियों और धर्मों के बीच तनाव बढ़ा सकती हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह फिल्म न केवल सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का काम कर रही है, बल्कि संविधान की मूल भावना—समानता, बंधुता और धर्मनिरपेक्षता—पर भी सवाल खड़े करती है।ज्ञापन में मांग की गई कि फिल्म के शीर्षक में तत्काल बदलाव किया जाए, इसकी सामग्री की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक फिल्म के रिलीज़ और प्रदर्शन पर रोक लगाई जाए।प्रदर्शन के दौरान सपा की पूर्व प्रत्याशी रचना सिंह के पति पंकज यादव भी मौजूद रहे। उनके साथ विमलेश यादव, प्रमोद, सुनील, लाल, छोटू यादव, राजकुमार, सबलू प्रजापति, राजेश कुमार, विकास यादव और आदित्य समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने एक सुर में फिल्म के खिलाफ नारे लगाए और साफ कर दिया कि “स्क्रिप्ट में समाज की छवि से खिलवाड़ हुआ तो दर्शक नहीं, विरोध मिलेगा।”
