टूटी खूनी गढ्ढेदार सड़कों के खिलाफ कांग्रेस का अनूठा सत्याग्रह
त्यौहार और इम्तिहान के वक्त भी सरकार संवेदनहीन
कानपुर आज कानपुर महानगर कांग्रेस के तत्वाधान में जूही डिपो चौराहे पर अध्यक्ष पवन गुप्ता की अगुआई में टूटी गढ्ढे दार सड़क पर खड़े होकर कांग्रेसजनों व क्षेत्रीय नागरिकों ने टूटी व खूनी सड़क को श्रद्धांजलि देते हुए उसपे कफ़न,फूल,अगरबत्ती और दीपक जलाते हुए शासन,प्रशासन, नगर निगम और पीडब्लूडी की संवेदनहीनता और जनता के दर्द को उजागर किया।रामधुन गाते हुए भारी संख्या में मौजूद कांग्रेसजनों और क्षेत्रीय नागरिकों ने सरकार को जगाने के लिए अनोखा श्रद्धांजलि सत्याग्रह किया।टूटी सड़कों से त्रस्त क्षेत्रीय महिलाओं ने भारी संख्या में भागेदारी की।जमकर नारेबाजी हुई।इस मौके पर महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा की टूटी सड़कें या खूनी सड़कों से पूरा कानपुर त्रस्त है।त्यौहार,इम्तिहान,व्यापार, नौकरी से कोई फर्क नहीं सरकार और प्रशासन को।पूरा कानपुर विशेषकर कानपुर दक्षिण क्षेत्र इस समस्या से त्राहिमाम है ।जूही,बर्रा, फजलगंज, ट्रांसपोर्ट नगर, किदवई नगर,यशोदा नगर, नौबस्ता,जाजमऊ,लालबंगला,कैंट,विष्णुपुरी,तिलकनगर समेत पूरे कानपुर की स्तिथि दयनीय है।टूटी सड़कों की वजह से आम जन, व्यापारी, नौकरी पेशा,छात्र सबको भयंकर दिक्कतें आ रही है।जब कोई वीआईपी आता है तो केवल उनके प्रस्तावित रूट चमका दिये जाते हैं वो भी हमसब के टैक्स के पैसे से।टूटी सड़क से जान का खतरा तो है ही पर साथ में वाहन को भी नुकसान पहुंचता है।व्यापारियों, मजदूरों को आए दिन वाहन बनवाई का खर्चा इन टूटी सड़कों की वजह से आता है।रात में तो यह सड़कें खूनी सड़क हो जाती हैं।जबकी कानपुर का व्यापारी और नौकरीपेशा सबसे ज़्यादा टैक्स देता है तब भी उसको सही रोड तक नहीं मिल रही।सरकार ने स्मार्ट सिटी का वादा करके खूनी गड्ढा सिटी दे दिया।रोज़ 30 से 40 लोग गिरते हैं।कई बार विभागों को शिकायत कर चुके हैं पर कानों में जूं नहीं रेंगती।आज सड़क पर यह प्रतीकात्मक सत्याग्रह कर कानपुर की जनता का दर्द उजागर कर रहे हैं।होली और रमजान और इम्तिहान में टूटी खूनी सड़कों के कारण स्थिति और दयनीय है।कई बार मुख्यमंत्री और उच्च अधिकारी तारीख घोषित कर चुके हैं पर सब झूठ है।अध्यक्ष पवन गुप्ता,हरीश बाजपई,नरेश पाठक,डा.संतोष त्रिपाठी, रामस्वरूप तिवारी,टिल्लू ठाकुर,आनंद शुक्ला,मोहित दीक्षित, कमलाकांत तिवारी, अजय तिवारी,रमाकांत मिश्रा, राजेश गौतम,सुरेंद्र भदौरिया, अखिल गुप्ता,पदम मोहन मिश्रा, राज किशोर वर्मा,अजय सिंह,मनोज अवस्थी,मुकेश दुबे, शिवबालक दुबे,रुक्मा देवी,मो अजीम, अश्वनी शर्मा,धर्मेंद्र चौहान,दीपू ठाकुर,राम शंकर राय,राकेश साहू,विजय त्रिवेदी, रमेश चंद्र दीक्षित, मलखान, शानू, नागेंद्र यादव, संजय शिखर,अजय त्रिपाठी, दिनेश चौधरी,नीरज त्रिपाठी आदि थे।
